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Bihar: सरकारी आवास में पिस्टल रखने वाले रेल अधिकारी तक कैसे पहुंची CBI? रिटायरमेंट से पांच महीने पहले गिरफ्तार

Fri, 24 Jul 2026 01:36 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर Published by: दरभंगा ब्यूरो Updated Fri, 24 Jul 2026 01:36 PM IST
सार

समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्मिक विभाग के सहायक कार्मिक पदाधिकारी (APO-2) अरुण कुमार मंडल को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनके सरकारी आवास की तलाशी में एक कथित गैर-लाइसेंसी पिस्टल, दो मैगजीन और नौ जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

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Bihar CBI Raid Railway Officer Arrested with Illegal Pistol at Government Residence Months Ahead of Retirement
सहायक कार्मिक पदाधिकारी (APO-2) अरुण कुमार मंडल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय में गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई करते हुए कार्मिक विभाग के सहायक कार्मिक पदाधिकारी (APO-2) अरुण कुमार मंडल को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनके सरकारी आवास की तलाशी में एक कथित गैर-लाइसेंसी पिस्टल, दो मैगजीन और नौ जिंदा कारतूस बरामद होने से मामला और गंभीर हो गया। CBI के पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार सिंह के आवेदन पर नगर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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45 दिन की गोपनीय जांच के बाद सीबीआई ने बिछाया जाल
सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग में कार्यरत डीलिंग क्लर्क अमृत राज ने करीब 45 दिन पहले CBI से शिकायत की थी कि APO-2 अरुण कुमार मंडल ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले का गुप्त सत्यापन शुरू किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। गुरुवार को शिकायतकर्ता को पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेकर भेजा गया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद CBI अधिकारियों ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि डीआरएम कार्यालय के अधिकांश कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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आठ घंटे तक हुई पूछताछ
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की चार सदस्यीय टीम अरुण कुमार मंडल और शिकायतकर्ता अमृत राज को रेलवे के ललित कला केंद्र स्थित अधिकारी क्लब ले गई। यहां बंद कमरे में करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई। सीबीआई अधिकारियों ने रिश्वत मांगने के आरोप, ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहलुओं पर गहन पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद देर शाम अरुण कुमार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि शिकायतकर्ता अमृत राज को आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे समस्तीपुर रेल मंडल में अफरा-तफरी और चर्चाओं का माहौल बना रहा।
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सरकारी आवास की तलाशी में अवैध हथियार मिलने से मामला और गंभीर
पूछताछ के साथ ही सीबीआई की दूसरी टीम आरोपी के सरकारी आवास पहुंची। वहां कई घंटे तक चली तलाशी के दौरान एक कथित गैर-लाइसेंसी पिस्टल, दो मैगजीन और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए। अवैध हथियार मिलने के बाद मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं रहा। CBI ने तत्काल इसकी सूचना नगर थाना पुलिस को दी। सीबीआई के पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार सिंह के आवेदन पर नगर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत अलग प्राथमिकी दर्ज की गई। नगर थाना की अपर थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने बताया कि आरोपी के सरकारी आवास से बरामद पिस्टल, मैगजीन और कारतूस को जब्त कर लिया गया है। पुलिस हथियार की वैधता और उसके स्रोत की जांच कर रही है।

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पत्नी और बेटी से भी हुई पूछताछ
तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने आरोपी की पत्नी और बेटी से भी पूछताछ की। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए दोनों को रेलवे अधिकारी क्लब ले जाया गया। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गया।

रिटायरमेंट से पांच महीने पहले लगा भ्रष्टाचार का दाग
सूत्रों के अनुसार, अरुण कुमार मंडल करीब पांच वर्ष पहले सहायक कार्मिक पदाधिकारी (APO-2) के पद पर पदोन्नत हुए थे। इससे पहले वे वाणिज्य विभाग में सीओएस (COS) के पद पर कार्यरत थे। उनकी सेवानिवृत्ति दिसंबर 2026 में प्रस्तावित थी। लेकिन सेवानिवृत्ति से महज पांच महीने पहले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी ने उनके पूरे प्रशासनिक करियर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


एसपी ने की हथियार बरामदगी की पुष्टि
समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि CBI की सूचना पर आरोपी के सरकारी आवास से एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद किए गए हैं। CBI के आवेदन पर नगर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

रेलवे बोला- सीबीआई की रिपोर्ट मिलने के बाद होगी विभागीय कार्रवाई
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने कहा कि सीबीआई से आधिकारिक रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे प्रशासन नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करेगा। फिलहाल एजेंसी पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
 
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