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Bihar: रेलवे अधिकारी के सरकारी आवास पर CBI की रेड, आठ घंटे तक चली पूछताछ; घर से पिस्टल-मैगजीन और कारतूस बरामद
Fri, 24 Jul 2026 07:52 AM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 07:52 AM IST
सार
समस्तीपुर रेल मंडल में सीबीआई की कार्रवाई ने गुरुवार को बड़ा मोड़ ले लिया। करीब आठ घंटे की पूछताछ के बाद सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) अरुण मंडल के सरकारी आवास की तलाशी में एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद होने की सूचना है।
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APO के सरकारी आवास से पिस्टल-मैगजीन और कारतूस बरामद
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई ने देर शाम तक सनसनीखेज मोड़ ले लिया। करीब आठ घंटे तक चली मैराथन पूछताछ के बाद सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) अरुण मंडल के सरकारी आवास की तलाशी में एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद होने की सूचना है। बरामदगी के बाद सीबीआई ने नगर थाना में आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कराई।
सीबीआई की कार्रवाई ने लिया नया मोड़
समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में गुरुवार को सीबीआई की कार्रवाई ने देर शाम नया मोड़ ले लिया। सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) अरुण मंडल और वरिष्ठ लिपिक अमृत राज से करीब आठ घंटे तक पूछताछ के बाद सीबीआई ने APO के सरकारी आवास की तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद सीबीआई ने बरामद हथियार के संबंध में नगर थाना में आवेदन देकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कराई। साथ ही कार्मिक विभाग से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, कार्रवाई के कारणों को लेकर सीबीआई ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे पूरे मामले को लेकर सस्पेंस बरकरार है।
दिन भर चली सीबीआई जांच
गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे सीबीआई की चार सदस्यीय टीम अचानक समस्तीपुर डीआरएम कार्यालय के कार्मिक विभाग पहुंची। टीम ने सबसे पहले सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) अरुण मंडल को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। कुछ देर बाद वरिष्ठ लिपिक (हेड क्लर्क) अमृत राज को भी जांच के दायरे में लाकर दोनों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की गई।
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आठ घंटे तक चली मैराथन पूछताछ
सीबीआई अधिकारियों ने रेलवे अधिकारी क्लब के एक कमरे में दोनों अधिकारियों से लगातार करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान कई विभागीय दस्तावेजों का मिलान किया गया और विभिन्न मामलों को लेकर विस्तृत सवाल-जवाब हुए। कार्रवाई के दौरान पूरे रेल मंडल में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
पूछताछ के बाद सरकारी आवास की तलाशी
पूछताछ के बाद सीबीआई टीम ने APO अरुण मंडल के सरकारी आवास की भी तलाशी ली। देर शाम तलाशी पूरी होने के बाद जांच में नया मोड़ तब आया, जब आवास से एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद होने की सूचना सामने आई। सरकारी आवास से हथियार मिलने की खबर फैलते ही CBI टीम के साथ-साथ पूरे रेल महकमे में भी हड़कंप मच गया।
नगर थाना में दिया गया आवेदन
सूत्रों के अनुसार, बरामद हथियार के संबंध में सीबीआई अधिकारियों ने नगर थाना में आवेदन देकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कराई है। नगर थानाध्यक्ष अजित कुमार ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इंजीनियरिंग विभाग से जुड़ी कई अहम फाइलें भी सीबीआई के कब्जे में
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने कार्मिक विभाग से कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। बताया जा रहा है कि ये दस्तावेज इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े मामलों से संबंधित हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों से पूछताछ की गई और अब उनकी गहन जांच की जा रही है।
ये भी पढ़ें- परिचारी की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, रेड में 34 प्रॉपर्टी, थार और बैंक खातों के दस्तावेज मिले
पूरे दिन पसरा रहा सन्नाटा
सीबीआई की कार्रवाई के दौरान डीआरएम कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन असमंजस की स्थिति में रहे। कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। कार्यालय परिसर में दिनभर कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
सीबीआई अधिकारियों ने नहीं खोले जांच के पत्ते
देर शाम तक सीबीआई अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के कारणों या जांच की दिशा को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। इससे पूरे मामले को लेकर सस्पेंस बरकरार है। हालांकि, हथियार बरामदगी और दस्तावेजों की जांच के बाद आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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सीबीआई की कार्रवाई ने लिया नया मोड़
समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में गुरुवार को सीबीआई की कार्रवाई ने देर शाम नया मोड़ ले लिया। सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) अरुण मंडल और वरिष्ठ लिपिक अमृत राज से करीब आठ घंटे तक पूछताछ के बाद सीबीआई ने APO के सरकारी आवास की तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद सीबीआई ने बरामद हथियार के संबंध में नगर थाना में आवेदन देकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कराई। साथ ही कार्मिक विभाग से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, कार्रवाई के कारणों को लेकर सीबीआई ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे पूरे मामले को लेकर सस्पेंस बरकरार है।
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दिन भर चली सीबीआई जांच
गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे सीबीआई की चार सदस्यीय टीम अचानक समस्तीपुर डीआरएम कार्यालय के कार्मिक विभाग पहुंची। टीम ने सबसे पहले सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) अरुण मंडल को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। कुछ देर बाद वरिष्ठ लिपिक (हेड क्लर्क) अमृत राज को भी जांच के दायरे में लाकर दोनों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की गई।
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आठ घंटे तक चली मैराथन पूछताछ
सीबीआई अधिकारियों ने रेलवे अधिकारी क्लब के एक कमरे में दोनों अधिकारियों से लगातार करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान कई विभागीय दस्तावेजों का मिलान किया गया और विभिन्न मामलों को लेकर विस्तृत सवाल-जवाब हुए। कार्रवाई के दौरान पूरे रेल मंडल में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
पूछताछ के बाद सरकारी आवास की तलाशी
पूछताछ के बाद सीबीआई टीम ने APO अरुण मंडल के सरकारी आवास की भी तलाशी ली। देर शाम तलाशी पूरी होने के बाद जांच में नया मोड़ तब आया, जब आवास से एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद होने की सूचना सामने आई। सरकारी आवास से हथियार मिलने की खबर फैलते ही CBI टीम के साथ-साथ पूरे रेल महकमे में भी हड़कंप मच गया।
नगर थाना में दिया गया आवेदन
सूत्रों के अनुसार, बरामद हथियार के संबंध में सीबीआई अधिकारियों ने नगर थाना में आवेदन देकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कराई है। नगर थानाध्यक्ष अजित कुमार ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इंजीनियरिंग विभाग से जुड़ी कई अहम फाइलें भी सीबीआई के कब्जे में
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने कार्मिक विभाग से कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। बताया जा रहा है कि ये दस्तावेज इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े मामलों से संबंधित हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों से पूछताछ की गई और अब उनकी गहन जांच की जा रही है।
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पूरे दिन पसरा रहा सन्नाटा
सीबीआई की कार्रवाई के दौरान डीआरएम कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन असमंजस की स्थिति में रहे। कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। कार्यालय परिसर में दिनभर कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
सीबीआई अधिकारियों ने नहीं खोले जांच के पत्ते
देर शाम तक सीबीआई अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के कारणों या जांच की दिशा को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। इससे पूरे मामले को लेकर सस्पेंस बरकरार है। हालांकि, हथियार बरामदगी और दस्तावेजों की जांच के बाद आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।