Bihar: ईशांत हत्याकांड में फिर फूटा गुस्सा, आरोपियों की गिरफ्तारी तक अनिश्चितकालीन धरने पर डटे परिजन
समस्तीपुर के बहुचर्चित ईशांत कुमार उर्फ छोटू हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने विद्यापतिनगर के कांचा स्थित क्रांति मैदान में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
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समस्तीपुर के बहुचर्चित ईशांत कुमार उर्फ छोटू हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। विद्यापतिनगर प्रखंड के कांचा गांव स्थित क्रांति मैदान में गुरुवार से मृतक छात्र के परिजनों और ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
एसआई शक्ति कुमार समेत सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
धरना दे रहे लोगों की मांग है कि मामले में मुखबिरी के आरोपी बताए जा रहे तत्कालीन अनुसंधानक एसआई शक्ति कुमार समेत सभी संलिप्त आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि केवल निलंबन से न्याय नहीं मिलेगा। यदि किसी की भूमिका अपराध में सामने आई है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी होनी चाहिए।
डेढ़ महीने बाद भी कार्रवाई पूरी नहीं होने पर नाराजगी
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने प्रशासन पर धीमी जांच का आरोप लगाया। उनका कहना है कि घटना को डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
10 जून को लापता हुआ था ईशांत, 29 दिन बाद मिला था शव
ईशांत कुमार उर्फ छोटू 10 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने शुरुआत से ही अपहरण की आशंका जताई थी। मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाई। करीब 29 दिन बाद उसका शव घर से लगभग तीन किलोमीटर दूर लखनपुर कलना चौर स्थित खेत में 12 फीट गहरे गड्ढे से प्लास्टिक में लिपटा मिला। जांच और पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता रंजीत सिंह को गिरफ्तार किया, जबकि नंदकिशोर सिंह और उसके बेटे ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था।
जांच के दौरान दारोगा की भूमिका पर भी उठे सवाल
मामले की जांच के दौरान तत्कालीन अनुसंधानक एसआई शक्ति कुमार की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई। एक वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद उन पर आरोपी को सूचना देने का आरोप लगा। इसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। हालांकि धरना दे रहे लोगों का कहना है कि सिर्फ निलंबन काफी नहीं है, बल्कि उनकी गिरफ्तारी भी होनी चाहिए।
राजनीतिक मुद्दा भी बना था मामला
ईशांत हत्याकांड ने पूरे बिहार में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे और जनाक्रोश सभा में शामिल होकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, त्वरित सुनवाई और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की थी। इसके अलावा राजद, वाम दलों के प्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग का समर्थन किया था।
'गिरफ्तारी तक जारी रहेगा आंदोलन'
धरना पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि न्याय के लिए है। उन्होंने निष्पक्ष जांच, सभी फरार और संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मामले की जल्द सुनवाई की मांग की। उनका कहना है कि जब तक सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी नहीं होगी, तब तक कांचा के क्रांति मैदान में अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल
धरना-प्रदर्शन में हेमन राय, प्रशांत कुमार, दीपक कुमार धीरज, सोनू कुमार, छोटू कुमार, मो. राहिश, मो. कल्लू, मनीष कुमार, मनोरंजन कुमार, राजू यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि ईशांत को न्याय दिलाने की लड़ाई अब निर्णायक दौर में है और दोषियों की गिरफ्तारी तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।