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Bihar News: अपनी ही सरकार पर नाराज हुए मंत्री मदन सहनी! बोले- 'आरोपी डीएसपी की पोस्टिंग जख्म कुरेदने जैसी'
Thu, 02 Jul 2026 06:43 PM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,दरभंगा
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Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 06:43 PM IST
सार
बिहार के मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के आरोपी डीएसपी राजेश कुमार शर्मा की मद्य निषेध विभाग में पोस्टिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे 'जख्मों को कुरेदने जैसा' बताते हुए कहा कि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना जनता के बीच गलत संदेश देता है।
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मदन सहनी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी ने भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के आरोपी डीएसपी राजेश कुमार शर्मा की मद्य निषेध विभाग में पोस्टिंग किए जाने पर अपनी ही सरकार के फैसले पर आश्चर्य और नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि किसी हत्या के मामले के आरोपी अधिकारी को पोस्टिंग देना 'जख्मों को कुरेदने' जैसा है। मंत्री ने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सरकार ने ही संबंधित डीएसपी और थानाध्यक्ष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है तथा जांच के लिए आयोग का गठन भी किया है।
'तबादला मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार, लेकिन सवाल उठना स्वाभाविक'
हालांकि, मदन सहनी ने कहा कि अधिकारियों का तबादला मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और सरकार जहां उचित समझती है, वहां किसी भी अधिकारी की तैनाती कर सकती है। लेकिन उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोप हों, उसकी पोस्टिंग से लोगों में आश्चर्य और नाराजगी होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर जांच के दौरान संबंधित अधिकारी की पोस्टिंग कर दी गई है।
'मामले को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए'
मंत्री सहनी ने कहा कि वह यह नहीं कह सकते कि भरत तिवारी एनकाउंटर फर्जी था या नहीं, क्योंकि पूरे मामले की जांच आयोग कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। यह केवल पक्ष और विपक्ष का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे बिहार की संवेदनाओं से जुड़ा मामला है। इस घटना के बाद राज्यभर में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली थी।
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यह भी पढ़ें: तेजस्वी यादव का बिहार सीएम पर बड़ा आरोप, बोले- 'मुख्यमंत्री के कहने पर हुआ भरत तिवारी का एनकाउंटर'
'मुख्यालय में रखना चाहिए था, महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं'
मदन सहनी ने अपने व्यक्तिगत विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ इतने गंभीर आरोप हैं, उसे मुख्यालय में रखा जाना चाहिए था, न कि किसी महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से आम लोगों के बीच सरकार के प्रति गलत संदेश जाता है।
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'तबादला मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार, लेकिन सवाल उठना स्वाभाविक'
हालांकि, मदन सहनी ने कहा कि अधिकारियों का तबादला मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और सरकार जहां उचित समझती है, वहां किसी भी अधिकारी की तैनाती कर सकती है। लेकिन उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोप हों, उसकी पोस्टिंग से लोगों में आश्चर्य और नाराजगी होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर जांच के दौरान संबंधित अधिकारी की पोस्टिंग कर दी गई है।
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'मामले को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए'
मंत्री सहनी ने कहा कि वह यह नहीं कह सकते कि भरत तिवारी एनकाउंटर फर्जी था या नहीं, क्योंकि पूरे मामले की जांच आयोग कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। यह केवल पक्ष और विपक्ष का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे बिहार की संवेदनाओं से जुड़ा मामला है। इस घटना के बाद राज्यभर में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली थी।
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'मुख्यालय में रखना चाहिए था, महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं'
मदन सहनी ने अपने व्यक्तिगत विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ इतने गंभीर आरोप हैं, उसे मुख्यालय में रखा जाना चाहिए था, न कि किसी महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से आम लोगों के बीच सरकार के प्रति गलत संदेश जाता है।