Bihar News : सरकारी अस्पताल में मरीजों के खाने पर आफत, कल खत्म हो जाएगा गैस; संकट की खबर पढ़ें
दरभंगा में गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण हालात गंभीर होते जा रहे हैं। उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल DMCH में करीब 600 से 700 मरीजों के भोजन पर संकट मंडरा रहा है क्योंकि कैंटीन में केवल एक दिन का गैस स्टॉक बचा है।
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दरभंगा में गैस सिलेंडर की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों के चूल्हे तक पहुंचने लगा है। सबसे बड़ी चिंता उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में सामने आई है, जहां करीब 600 से 700 मरीजों के भोजन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
DMCH में मरीजों के खाने पर संकट
DMCH में मरीजों के लिए भोजन जीविका समूह के माध्यम से तैयार किया जाता है। जीविका के मैनेजर अभिषेक कुमार ने बताया कि उनके पास अब सिर्फ एक दिन का गैस स्टॉक बचा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई तो गुरुवार से मरीजों को मिलने वाले भोजन पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल की कैंटीन में रोजाना औसतन चार से पांच सिलेंडर मरीजों का खाना बनाने में खर्च होते हैं। फिलहाल कैंटीन में केवल चार सिलेंडर ही बचे हैं। ऐसी स्थिति में बुधवार की रात से मरीजों को मिलने वाली रोटी बंद कर दी जाएगी और उसकी जगह उन्हें भात और दाल दी जाएगी।
गैस एजेंसियों को नहीं मिली आपूर्ति
दरभंगा में गैस की किल्लत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) की ओर से शहर की गैस एजेंसियों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है। जानकारी के अनुसार बुधवार को दरभंगा के शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराने वाली 10 एजेंसियों में से केवल एक एजेंसी को ही सिलेंडर की आपूर्ति की गई। हालांकि जैसे ही एजेंसी के वेंडर ठेला लेकर गैस वितरण के लिए निकले, वहां उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। हंगामे की स्थिति को देखते हुए सिलेंडर से भरा ठेला वापस गोदाम में बंद कर दिया गया।
गैस गोदामों पर लंबी कतार
गैस की कमी के कारण बुधवार सुबह से ही शहर के गैस गोदामों पर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सिलेंडर की आपूर्ति नहीं होने के कारण अधिकांश एजेंसी मालिकों के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बताए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।
ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो रही
उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इंडेन गैस के नंबर 8454955555 पर ऑनलाइन गैस बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि मंगलवार से ही इस नंबर पर कॉल करने के बावजूद गैस बुकिंग नहीं हो रही है। लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें DAC नंबर भी नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या के बारे में एजेंसी संचालकों और मैनेजरों के पास भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। बताया जा रहा है कि IOC का सर्वर लगातार खराब रहने के कारण गैस बुकिंग में दिक्कत आ रही है।
उपभोक्ता परेशान
उपभोक्ता मृत्युंजय कुमार ने बताया कि वह मंगलवार से ही अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से गैस बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नंबर नहीं लग रहा है। IOC की ओर से DAC नंबर भी नहीं भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह सुबह पांच बजे से ही गैस गोदाम का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बुधवार को सिलेंडर की आपूर्ति ही नहीं हुई।
वहीं गृहिणी संगीता ठाकुर ने बताया कि उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है। वह एजेंसी पर नंबर लगाने गई थीं, लेकिन एजेंसी संचालक ने बताया कि फिलहाल IOC की ओर से मैनुअल बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। एक अन्य उपभोक्ता निर्मल पांडे ने बताया कि उन्होंने गैस बुकिंग नहीं कराई, लेकिन उनके मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज आ गया। अब वह इस मामले में शिकायत करने के लिए IOC को फोन लगा रहे हैं, लेकिन फोन भी नहीं लग रहा है।
एजेंसी संचालक ने बताई वजह
इस पूरे मामले में नानक इंडेन गैस एजेंसी के मालिक राजकुमार मारीवाला ने बताया कि बुधवार को IOC की ओर से किसी भी एजेंसी को सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि होली के कारण भी आपूर्ति में थोड़ी दिक्कत चल रही है। करीब तीन से चार दिन तक आपूर्ति बंद रहने से समस्या और बढ़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राहकों को IOC के नंबर पर ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पाने के कारण भी परेशानी हो रही है, जिससे गैस की किल्लत और गंभीर हो गई है।