Bihar: तीन दिन पहले हुई थी गिरफ्तारी और फिर बिगड़ी तबीयत; जेल से अस्पताल पहुंचा बंदी, इलाज के दौरान मौत
समस्तीपुर मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी सुधीर कुमार उर्फ बाबा की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हलई थाना क्षेत्र के वाजितपुर करनैल गांव का रहने वाला था और अवैध शराब से जुड़े एक मामले में तीन दिन पहले उत्पाद विभाग ने उसे गिरफ्तार किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समस्तीपुर मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी की इलाज के दौरान मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान हलई थाना क्षेत्र के वाजितपुर करनैल वार्ड संख्या-01 निवासी स्वर्गीय बटोही महतो के 28 वर्षीय पुत्र सुधीर कुमार उर्फ बाबा के रूप में हुई है। परिजनों ने मौत को लेकर कई सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अवैध शराब मामले में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, अवैध शराब से जुड़े एक मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने तीन दिन पहले सुधीर कुमार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखा गया और बाद में न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
जेल पहुंचते ही बिगड़ गई थी तबीयत
बताया गया कि मंडल कारा पहुंचने के बाद ही सुधीर की तबीयत बिगड़ गई थी। तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेजा गया। वहां उपचार के बाद उसे दोबारा जेल लाया गया। जेल चिकित्सक की देखरेख में उसका इलाज लगातार जारी था।
अचानक तबीयत बिगड़ने पर फिर कराया गया भर्ती
इसी बीच मंगलवार की शाम उसकी तबीयत अचानक अधिक खराब हो गई। स्थिति गंभीर होने पर जेल प्रशासन ने उसे फिर से इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उसका लगातार उपचार किया गया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही।
इलाज के दौरान हो गई मौत
चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सुधीर कुमार की जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन और रिश्तेदार सदर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
परिजनों ने उठाए कई सवाल
मृतक के स्वजनों ने युवक की मौत को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब उत्पाद विभाग की टीम ने सुधीर को गिरफ्तार किया था, तब वह पूरी तरह स्वस्थ था। परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ये भी पढ़ें- Bihar News: रिशुश्री केस में 15 कंपनियों की कुंडली खंगालने में जुटी सरकारी एजेंसियां, जानिए पूरा मामला
अस्पताल में हंगामा, उत्पाद विभाग पर नाराजगी
घटना की जानकारी मिलते ही वाजितपुर करनैल गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार सदर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान कई लोगों ने उत्पाद विभाग की टीम के प्रति नाराजगी जताई और अस्पताल परिसर में हंगामा भी किया। लोगों ने मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की।
पोस्टमार्टम से सामने आएगा मौत का कारण
घटना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
जेल अधीक्षक ने क्या कहा?
मामले को लेकर जेल अधीक्षक प्रशांत कुमार ओझा ने बताया कि सुधीर कुमार की तबीयत जेल आने के बाद से ही खराब थी। उसका इलाज सदर अस्पताल और जेल चिकित्सक दोनों की देखरेख में कराया जा रहा था। उन्होंने कहा कि तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे फिर से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।