{"_id":"6a29672745cab369db0f0c24","slug":"samastipur-monitoring-team-bribe-taking-village-head-arrested-sachin-absconding-darbhanga-news-c-1-1-noi1477-4379114-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: बिहार में घूसखोर मुखिया गिरफ्तार! 1.20 लाख रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा गया, पंचायत सचिव मौके से फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: बिहार में घूसखोर मुखिया गिरफ्तार! 1.20 लाख रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा गया, पंचायत सचिव मौके से फरार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 07:17 PM IST
विज्ञापन
सार
Samastipur: समस्तीपुर जिले में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबहुद्दीन पंचायत के मुखिया सिया राम राय को 1.20 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एक शिक्षक से निलंबन वापस लेने के बदले कथित तौर पर 5 लाख रुपये की मांग की गई थी। शिकायत के बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। इस दौरान पंचायत सचिव अजीत कुमार फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
घूस लेते मुखिया को निगरानी टीम ने किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
समस्तीपुर में निगरानी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। निगरानी की टीम ने दलसिंहसराय अनुमंडल के चकबहुद्दीन पंचायत के मुखिया सिया राम राय को 1 लाख 20 हजार रुपये रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम आरोपी मुखिया को लेकर मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो गई।
शिक्षक पर दर्ज हुआ था गंभीर मामला
बताया गया है कि शिक्षक अब्दुल मन्नान प्राइमरी स्कूल चकबहुद्दीन मोहन वार्ड-7, दलसिंहसराय में पदस्थापित थे। वर्ष 2024 में उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्ट से राहत मिलने के बाद शुरू हुआ नया विवाद
अब्दुल मन्नान पंचायत शिक्षक के रूप में बहाल हुए थे, जिस कारण मुखिया की ओर से उन्हें निलंबित कर दिया गया था। हालांकि 26.10.2025 को कोर्ट ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने मुखिया को निलंबन वापस लेने का निर्देश दिया। शिक्षक का कहना है कि उन्हें साजिश के तहत गलत तरीके से फंसाया गया था।
निलंबन वापस लेने के बदले मांगे गए लाखों रुपये
पीड़ित शिक्षक ने बताया कि कोर्ट के निर्देशानुसार निलंबन वापस कराने के लिए उन्होंने मुखिया के यहां आवेदन दिया। इसके बाद मुखिया की ओर से 5 लाख रुपये की मांग की जाने लगी। साथ ही पंचायत सचिव भी रुपये की मांग करने लगे। आर्थिक रूप से परेशान होने के कारण उन्होंने निगरानी विभाग की शरण ली।
जाल बिछाकर निगरानी ने किया ट्रैप
योजना के अनुसार मुखिया ने तय राशि 1.20 लाख रुपये लेने के लिए शिक्षक को अपने प्रतिष्ठान, दलसिंहसराय सराय गुदरी रोड पर बुलाया। इसके अलावा पंचायत सचिव के लिए 20 हजार रुपये अलग रखे गए थे। राशि देने के तुरंत बाद ही निगरानी की टीम मौके पर पहुंची और मुखिया को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पंचायत सचिव मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
ये भी पढ़ें: जिस मां ने दिया जन्म उसी पर अपहरण का आरोप! 10 साल का बेटा रहस्यमय ढंग से गायब, पिता ने खोले राज
डीएसपी ने बताई पूरी कार्रवाई की कहानी
निगरानी के डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी ने बताया कि शिक्षक अब्दुल मन्नान की ओर से निगरानी विभाग में शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच की गई और मामला सही पाया गया। इसके बाद निगरानी टीम ने योजना बनाकर मुखिया को रिश्वत की राशि लेने के लिए बुलवाया और रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस दौरान पंचायत सचिव अजीत कुमार मौके से फरार हो गए।