Bihar News: किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह, 10 जून तक डालें लंबी अवधि वाले धान का बिचड़ा
समस्तीपुर समेत उत्तर बिहार के जिलों में अगले 24 घंटे तक बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बारिश वाले क्षेत्रों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मस्तीपुर समेत उत्तर बिहार के जिलों में अगले 24 घंटे तक मौसम के सक्रिय रहने और वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि इसके बाद मौसम आमतौर पर साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने किसानों को मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों में सावधानी बरतने और वर्षा की संभावना को ध्यान में रखकर खेतों में काम करने की सलाह दी है।
अगले 24 घंटे तक बारिश के आसार, तापमान में नहीं होगा बड़ा बदलाव
पूर्वानुमान के अनुसार समस्तीपुर और उत्तर बिहार के जिलों में अगले 24 घंटे तक वर्षा की संभावना बनी रहेगी। इस अवधि में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि जिन क्षेत्रों में बारिश होगी, वहां हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके बाद हवा की गति कम होने की संभावना है। अधिकांश इलाकों में पूर्वा हवा 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है।
सुबह अधिक नमी, दोपहर में घटेगी आर्द्रता
मौसम विभाग के अनुसार सापेक्ष आर्द्रता सुबह के समय 85 से 90 प्रतिशत तक रह सकती है, जबकि दोपहर में इसके 35 से 40 प्रतिशत तक रहने की संभावना है। मौसम में नमी और बारिश के कारण किसानों को फसलों की देखभाल में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों को दी गई जरूरी सलाह
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि वर्षा की संभावना को देखते हुए किसान कृषि कार्यों की योजना बनाएं। मक्का की कटाई, दौनी और दानों को सुखाने का कार्य मौसम की स्थिति देखकर करें। वहीं मूंग की तैयार फसल की तुड़ाई समय पर पूरी करने की सलाह दी गई है ताकि बारिश से नुकसान न हो।
धान की नर्सरी तैयार करने का उपयुक्त समय
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से धान के बिचड़ा (नर्सरी) के लिए बीजस्थली तैयार करने का काम शुरू करने की अपील की है। 10 जून तक लंबी अवधि वाली धान की किस्मों का बिचड़ा गिराने का सबसे उपयुक्त समय माना गया है। राजश्री, राजेन्द्र मंसूरी, राजेन्द्र स्वेता, स्वर्णा, स्वर्णा सब-1 और वीपीटी-5204 जैसी लंबी अवधि वाली धान की प्रजातियों की नर्सरी की बुवाई की जा सकती है। अच्छी पौध तैयार करने के लिए खेत की समुचित तैयारी करें और सड़ी हुई गोबर की खाद का उपयोग करें। नर्सरी की क्यारियां 1.25 से 1.5 मीटर चौड़ी रखने की सलाह दी गई है।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar : बिहार में बंगला पॉलिटिक्स, मंत्री का छलका दर्द; कहा- दलित का बेटा हूं, इसलिए खाली नहीं हो रहा आवास
प्रमाणित बीज और बीजोपचार पर जोर
विशेषज्ञों ने कहा है कि किसान बीज हमेशा प्रमाणित स्रोतों से ही खरीदें। एक हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए 800 से 1000 वर्ग मीटर नर्सरी पर्याप्त होती है। बीज बोने से पहले बीजोपचार अवश्य करें, जिससे बीजजनित रोगों से फसल को बचाया जा सके।
खरीफ मक्का की खेती के लिए करें खेत की तैयारी
खरीफ मक्का की बुआई के लिए भी किसानों को अभी से खेत तैयार करने की सलाह दी गई है। जुताई के समय प्रति हेक्टेयर 10 से 15 टन सड़ी हुई गोबर की खाद का प्रयोग करें। बुआई के समय प्रति हेक्टेयर 30 किलोग्राम नत्रजन, 60 किलोग्राम सल्फर और 50 किलोग्राम पोटाश देने की सलाह दी गई है। उत्तर बिहार के लिए देवकी, शक्तिमान-1, शक्तिमान-2, शक्तिमान-5, राजेन्द्र संकर मक्का-3 और गंगा-11 मक्का की अनुशंसित किस्में बताई गई हैं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि समय पर तैयारी और वैज्ञानिक सलाह का पालन करने से किसानों को बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ मिल सकता है।