Bihar: सुकमा में तैनात सीआरपीएफ जवान की संदिग्ध मौत, गांव पहुंचते ही मचा मातम; तीन साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
सुकमा में सीआरपीएफ जवान चंदन कुमार की संदिग्ध मौत के बाद उनका शव गांव बरिमल पहुंचा। राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार हुआ। तीन वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी। परिजन सदमे में हैं, जबकि मौत के कारणों पर अब भी रहस्य बना हुआ है।
विस्तार
छत्तीसगढ़ के सुकमा में तैनात सीआरपीएफ जवान चंदन कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर बिहार के औरंगाबाद जिले के फेसर थाना क्षेत्र स्थित पैतृक गांव बरिमल पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के चित्कार से माहौल गमगीन हो गया और अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
शवयात्रा के दौरान गांव के युवाओं ने बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा निकाली। “चंदन कुमार अमर रहें” के गगनभेदी नारों के बीच गांव के श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके तीन वर्षीय पुत्र अंश ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, जिससे माहौल और भी भावुक हो गया।
जानकारी के अनुसार, चंदन कुमार के पिता अरुण मेहता की 2001 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पिता के निधन के बाद तीन भाइयों में सबसे बड़े होने के नाते चंदन ने कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली। पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने 2017 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में नौकरी हासिल की और अपने परिश्रम से परिवार को बेहतर जीवन दिया।
पढ़ें: बिहार के किस सरकारी अस्पताल ने कैंसर की रोबोटिक सर्जरी की? 71 साल के मरीज का ऑपरेशन सफल
साल 2019 में उनकी शादी हुई, जिसके बाद उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी का जन्म हुआ। सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन सुकमा में तैनाती के दौरान कुछ दिन पहले उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और परिजन गहरे सदमे में हैं, जबकि मासूम बच्चे पिता के स्नेह से वंचित हो गए हैं।
फिलहाल चंदन कुमार की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। न ही परिजनों को कोई ठोस जानकारी मिल सकी है और न ही विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। सभी लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई।