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Bihar News: शिक्षा विभाग की बड़ी चूक, 68 शिक्षकों के खातों में पहुंचा अधिक वेतन; अब लौटाने का आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 07:49 AM IST
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सार
Bihar News: गया शिक्षा विभाग की तकनीकी गड़बड़ी से 68 शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के खातों में तय वेतन से अधिक राशि पहुंच गई। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान वापस जमा कराने का आदेश जारी किया है। मामले ने विभाग की डिजिटल व्यवस्था और मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गयाजी शिक्षा विभाग कार्यालय की फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
गया जिले में शिक्षा विभाग एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। जहां पहले शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिलने, सर्वर डाउन रहने और भुगतान अटकने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं, इस बार तकनीकी गड़बड़ी ने विभाग को नई मुश्किल में डाल दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले के 68 शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के खातों में निर्धारित राशि से अधिक वेतन ट्रांसफर हो गया। अब विभाग ने अतिरिक्त राशि वापस जमा कराने का निर्देश जारी किया है।
तकनीकि खामी के कारण हुआ अतिरिक्त भुगतान
जानकारी के अनुसार, यह मामला एसएसए और एचआरएमएस प्रणाली में आई तकनीकी त्रुटि से जुड़ा बताया जा रहा है। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि कई शिक्षकों के खाते में तय वेतन से ज्यादा भुगतान कर दिया गया। अतिरिक्त राशि पाने वालों में 42 प्रधानाध्यापक शामिल हैं, जबकि बाकी अन्य शिक्षक बताए जा रहे हैं।
जिला शिक्षा विभाग ने राशि लौटाने का आदेश जारी किया
मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर अतिरिक्त भुगतान की राशि सरकारी खाते में जमा कराने का आदेश दिया है। विभाग की ओर से कहा गया है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण राशि को जल्द से जल्द राजकोष में जमा करना अनिवार्य है। जमा की गई राशि की चालान प्रति स्थापना कार्यालय में ऑडिट रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखी जाएगी।
ये भी पढ़ें- Bihar News: देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया पटना, पुलिस एनकाउंटर में दो कुख्यात अपराधी घायल
शिक्षकों में बढ़ी नाराजगी
इधर, विभाग के आदेश के बाद शिक्षकों के बीच असमंजस और नाराजगी का माहौल है। कई शिक्षकों का कहना है कि वेतन भुगतान पूरी तरह विभागीय और तकनीकी प्रणाली के नियंत्रण में होता है, ऐसे में सिस्टम की गलती का भार शिक्षकों पर डालना उचित नहीं है। कुछ शिक्षकों ने यह भी आशंका जताई कि अगर समय रहते निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे मामले बड़े वित्तीय विवाद का कारण बन सकते हैं।
हालांकि, शिक्षा विभाग इस पूरे मामले को तकनीकी भूल बताते हुए सुधार की बात कर रहा है, लेकिन घटना ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की डिजिटल मॉनिटरिंग और वित्तीय प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।
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तकनीकि खामी के कारण हुआ अतिरिक्त भुगतान
जानकारी के अनुसार, यह मामला एसएसए और एचआरएमएस प्रणाली में आई तकनीकी त्रुटि से जुड़ा बताया जा रहा है। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि कई शिक्षकों के खाते में तय वेतन से ज्यादा भुगतान कर दिया गया। अतिरिक्त राशि पाने वालों में 42 प्रधानाध्यापक शामिल हैं, जबकि बाकी अन्य शिक्षक बताए जा रहे हैं।
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जिला शिक्षा विभाग ने राशि लौटाने का आदेश जारी किया
मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर अतिरिक्त भुगतान की राशि सरकारी खाते में जमा कराने का आदेश दिया है। विभाग की ओर से कहा गया है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण राशि को जल्द से जल्द राजकोष में जमा करना अनिवार्य है। जमा की गई राशि की चालान प्रति स्थापना कार्यालय में ऑडिट रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखी जाएगी।
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शिक्षकों में बढ़ी नाराजगी
इधर, विभाग के आदेश के बाद शिक्षकों के बीच असमंजस और नाराजगी का माहौल है। कई शिक्षकों का कहना है कि वेतन भुगतान पूरी तरह विभागीय और तकनीकी प्रणाली के नियंत्रण में होता है, ऐसे में सिस्टम की गलती का भार शिक्षकों पर डालना उचित नहीं है। कुछ शिक्षकों ने यह भी आशंका जताई कि अगर समय रहते निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे मामले बड़े वित्तीय विवाद का कारण बन सकते हैं।
हालांकि, शिक्षा विभाग इस पूरे मामले को तकनीकी भूल बताते हुए सुधार की बात कर रहा है, लेकिन घटना ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की डिजिटल मॉनिटरिंग और वित्तीय प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।