प्रतीक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: शरीर पर मिले छह चोट के निशान, जो 5-7 दिन पुराने
Prateek Yadav की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनकी मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के कारण हुई। डॉक्टरों के मुताबिक फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के जमने से सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई और हृदय की गति रुक गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 38 साल थी। सुबह 6 बजे पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि कार्डिएक अरेस्ट से प्रतीक की मौत हुई है। विसरा रिपोर्ट के बाद और चीजें स्पष्ट होंगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक और सामने आई है। जो कई सवाल खड़े कर रही है। प्रतीक की बॉडी पर छह चोट के निशान मिले हैं, इनमें तीन चोट पांच से सात पुरानी है और तीन चोट एक दिन पुरानी है। हालांकि इनका उनकी मौत से कोई कनेक्शन सामने नहीं आया है। लेकिन, ये चोट उनको कैसे लगी हैं, ये पता नहीं चल सका है।
हार्ट और फेफड़ों से मिले खून के थक्के
लखनऊ मेडिकल कॉलेज ने प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी की है। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म है। फेफड़ों में बड़ी मात्रा में खून के थक्के जम गए थे। इसी वजह से हार्ट और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मौत हुई। हार्ट और फेफड़ों से मिले खून के थक्कों के नमूनों को आगे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। शरीर के अंदरूनी अंगों को भी केमिकल जांच के लिए प्रीजर्व किया गया है।
शरीर पर मिले सभी चोट के निशान मौत से पहले के बताए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें खून के थक्के फेफड़ों की नसों को ब्लॉक कर देते हैं। इससे सांस लेने और शरीर में खून का प्रवाह बुरी तरह प्रभावित होता है।
रविदास मेहरोत्रा बोले- शरीर के अंदर जहर मिला था
समाजवादी पार्टी (सपा) नेता रविदास मेहरोत्रा ने युवक प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रविदास मेहरोत्रा ने कहा, "हम प्रतीक यादव की असामयिक और अचानक मृत्यु से बेहद दुखी और आहत हैं। प्रतीक यादव को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।
उनकी मौत प्राकृतिक नहीं थी। यह संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत है। उनके शरीर पर चोट के निशान थे और शरीर के अंदर जहर मिला था। इसलिए उनका पोस्टमार्टम कराया गया। प्राकृतिक मौत में पोस्टमार्टम नहीं किया जाता। पोस्टमार्टम के बाद शव को 5 घंटे तक मोर्चरी में रखा गया। हमने मौत के कारणों की जांच कराने की मांग की है।
डॉक्टरों ने भी बताया कि शरीर पर चोट के निशान थे और शरीर नीला पड़ गया था, जो जहर दिए जाने का संकेत देता है। शव को अब उनके आवास पर रखा गया है, जो यह स्पष्ट करता है कि मौत सामान्य नहीं थी। हमने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से प्रतीक यादव की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
चार महीने पहले लंग्स में इंफेक्शन हुआ था
पीजीआई के सरदार पटेल डेंटल कॉलेज की रहने वाली अपर्णा यादव की करीबी मित्र रीना सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी हुई थी कि चार महीने पहले अपर्णा के पति के लंग्स में इंफेक्शन हुआ था जिसका ऑपरेशन हुआ था। उन्होंने उनकी मौत की खबर सुनी तो सन्न रह गई और सीधे भाग कर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.