Bihar News: स्कूल की बदहाली पर जेन अल्फा का विरोध, MDM से फर्जी हाजिरी तक के आरोप; 24 घंटे में जवाब तलब
गया के डुमरिया प्रखंड में चहरा-पहरा मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर विद्यालय में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। बच्चों और ग्रामीणों ने मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार नहीं बनने, फर्जी उपस्थिति के आधार पर चावल और सरकारी राशि के उठाव, प्रमाण-पत्र के नाम पर प्रति छात्र 500 रुपये मांगने, विद्यालय विकास मद की राशि के कथित दुरुपयोग और गरीब SC-BC बच्चों के साथ भेदभाव समेत कई आरोप लगाए।
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अक्सर कहा जाता है कि जेन अल्फा अपनी बात खुलकर रखने वाली पीढ़ी है। गया जिले के डुमरिया प्रखंड में इसकी एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जब चहरा-पहरा मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर खुद सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों के साथ बच्चों ने प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर विद्यालय में कथित अनियमितताओं के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मध्याह्न भोजन (MDM), फर्जी उपस्थिति, प्रमाण-पत्र जारी करने के नाम पर कथित अवैध वसूली समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका से 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित जवाब मांगा है।
चुप नहीं रहे बच्चे, खुद संभाला विरोध का मोर्चा
डुमरिया प्रखंड मुख्यालय के बाहर चहरा-पहरा मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि अपनी समस्याओं और विद्यालय में कथित अनियमितताओं को लेकर बच्चे खुद आगे आए और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। छात्रों और ग्रामीणों ने अपनी शिकायतों को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन भी सौंपा, जिसमें विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
MDM से लेकर फर्जी उपस्थिति तक के आरोप
प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार नहीं बनाया जाता है। इसके अलावा छात्रों की वास्तविक संख्या से कम उपस्थिति होने के बावजूद कथित तौर पर फर्जी हाजिरी बनाई जाती है। आवेदन में आरोप है कि फर्जी उपस्थिति के आधार पर चावल और सरकारी राशि का उठाव किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने इन आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रमाण-पत्र के नाम पर 500 रुपये मांगने का आरोप
छात्रों और ग्रामीणों ने प्रमाण-पत्र जारी करने को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि प्रमाण-पत्र देने के नाम पर प्रति छात्र 500 रुपये की मांग की जाती है। आरोप के मुताबिक, जो छात्र कथित तौर पर यह राशि नहीं देते हैं, उनके प्रमाण-पत्र रोक दिए जाते हैं। ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने इस मामले की भी जांच कराने की मांग प्रशासन से की है।
भेदभाव और सरकारी राशि के दुरुपयोग का भी आरोप
शिकायत में विद्यालय विकास मद में मिली सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के गरीब बच्चों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किए जाने की बात कही गई है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। इसके अलावा विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से नहीं बुलाने का आरोप भी आवेदन में लगाया गया है।
24 घंटे में साक्ष्य सहित जवाब देने का निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए डुमरिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी पंकज कुमार ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बबिता कुमारी को 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। प्रशासन की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने या प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही निलंबन और प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए वरीय अधिकारियों को अनुशंसा भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
प्रखंड मुख्यालय के बाहर छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद चहरा-पहरा मध्य विद्यालय का मामला चर्चा का विषय बन गया है। बच्चों और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविकता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सभी की नजर प्रभारी प्रधानाध्यापिका की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण और उसके बाद होने वाली जांच पर टिकी है।