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बंद कमरे का खूनी राज: सुबह बेटे ने खोला दरवाजा, मां मृत मिली और पिता जिंदगी की जंग लड़ता मिला
Sun, 09 Aug 2026 06:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2026 06:13 PM IST
सार
Bihar News: गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बाराडीह गांव में रविवार सुबह बंद कमरे में एक महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। महिला का गला कटा हुआ था, जबकि उसका पति गंभीर हालत में मिला। पुलिस प्रारंभिक जांच में दोनों के बीच किसी विवाद के बाद घटना की आशंका जता रही है।
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मौके पर मौजूद ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गयाजी शहर से सटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बाराडीह गांव में रविवार सुबह एक बंद कमरे से सामने आई खूनी वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दरवाजा नहीं खुलने पर बेटे ने वेंटिलेटर के रास्ते छोटे भाई को अंदर भेजा तो मां का शव खून से लथपथ पड़ा मिला, जबकि पिता गंभीर हालत में तड़प रहे थे। प्रारंभिक जांच में पत्नी का गला काटने और पति द्वारा अपने हाथ की नसें काटने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
बंद कमरे में मिली खून से सनी तस्वीर
बाराडीह गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब मनोज कुमार और उसकी पत्नी फेंकनी देवी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहे थे। परिवार के लोगों ने काफी देर तक आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद 12 वर्षीय बेटे आजाद को वेंटिलेटर के रास्ते अंदर भेजा गया। उसने अंदर से दरवाजा खोला तो कमरे का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। फेंकनी देवी की मौत हो चुकी थी, जबकि मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, फॉरेंसिक जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस इंस्पेक्टर देवराज इंद्र के नेतृत्व में घटनास्थल की जांच शुरू की गई। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि बंद कमरे के अंदर रात में आखिर क्या हुआ था।
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प्रारंभिक जांच में ब्लेड से हमले की आशंका
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में ब्लेड से वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई है। फेंकनी देवी का गला कटा हुआ मिला, जबकि मनोज कुमार के दोनों हाथों की नसें कटी थीं। घायल मनोज को मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सुबह बेटे ने ऐसे खोला कमरे का राज
मृतका के बड़े बेटे नीतीश कुमार ने बताया कि परिवार के दो घर हैं। एक घर में बच्चे और दादी सोते हैं, जबकि माता-पिता दूसरे घर में रहते थे। शनिवार रात सभी ने साथ खाना खाया और अपने-अपने घर में सो गए। रविवार सुबह जब माता-पिता ने दरवाजा नहीं खोला तो छोटे भाई को वेंटिलेटर से अंदर भेजा गया। दरवाजा खुलते ही दोनों माता-पिता खून से लथपथ मिले।
आर्थिक तंगी के बीच बढ़ता गया पारिवारिक तनाव
परिजनों के मुताबिक मनोज कुमार राजमिस्त्री का काम करते थे, लेकिन पिछले साल दिसंबर में पैर टूटने के बाद वह काम करने में असमर्थ हो गए। इसके बाद घर की जिम्मेदारी पत्नी फेंकनी देवी ने संभाली और मजदूरी कर परिवार का खर्च तथा पति का इलाज चलाने लगी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।
मजदूरी को लेकर होती थी कहासुनी
बेटे नीतीश ने बताया कि मनोज को पत्नी का मजदूरी करना पसंद नहीं था। इस मुद्दे पर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हालांकि शनिवार रात क्या हुआ, इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।
परिवार की जिम्मेदारी अब बच्चों पर
फेंकनी देवी अपने पीछे तीन बेटे और एक विवाहित बेटी छोड़ गई हैं। बेटी काजल सावन के कारण मायके आई हुई थी। मां की मौत और पिता की गंभीर हालत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
यह भी पढ़ें: बिहार के छात्रों के लिए सीएम सम्राट की चार बड़ी घोषणाएं, शिक्षा-परीक्षा व्यवस्था में बदलाव होंगे; जानिए
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और घायल मनोज कुमार के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
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बंद कमरे में मिली खून से सनी तस्वीर
बाराडीह गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब मनोज कुमार और उसकी पत्नी फेंकनी देवी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहे थे। परिवार के लोगों ने काफी देर तक आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद 12 वर्षीय बेटे आजाद को वेंटिलेटर के रास्ते अंदर भेजा गया। उसने अंदर से दरवाजा खोला तो कमरे का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। फेंकनी देवी की मौत हो चुकी थी, जबकि मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, फॉरेंसिक जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस इंस्पेक्टर देवराज इंद्र के नेतृत्व में घटनास्थल की जांच शुरू की गई। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि बंद कमरे के अंदर रात में आखिर क्या हुआ था।
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प्रारंभिक जांच में ब्लेड से हमले की आशंका
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में ब्लेड से वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई है। फेंकनी देवी का गला कटा हुआ मिला, जबकि मनोज कुमार के दोनों हाथों की नसें कटी थीं। घायल मनोज को मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सुबह बेटे ने ऐसे खोला कमरे का राज
मृतका के बड़े बेटे नीतीश कुमार ने बताया कि परिवार के दो घर हैं। एक घर में बच्चे और दादी सोते हैं, जबकि माता-पिता दूसरे घर में रहते थे। शनिवार रात सभी ने साथ खाना खाया और अपने-अपने घर में सो गए। रविवार सुबह जब माता-पिता ने दरवाजा नहीं खोला तो छोटे भाई को वेंटिलेटर से अंदर भेजा गया। दरवाजा खुलते ही दोनों माता-पिता खून से लथपथ मिले।
आर्थिक तंगी के बीच बढ़ता गया पारिवारिक तनाव
परिजनों के मुताबिक मनोज कुमार राजमिस्त्री का काम करते थे, लेकिन पिछले साल दिसंबर में पैर टूटने के बाद वह काम करने में असमर्थ हो गए। इसके बाद घर की जिम्मेदारी पत्नी फेंकनी देवी ने संभाली और मजदूरी कर परिवार का खर्च तथा पति का इलाज चलाने लगी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।
मजदूरी को लेकर होती थी कहासुनी
बेटे नीतीश ने बताया कि मनोज को पत्नी का मजदूरी करना पसंद नहीं था। इस मुद्दे पर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हालांकि शनिवार रात क्या हुआ, इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।
परिवार की जिम्मेदारी अब बच्चों पर
फेंकनी देवी अपने पीछे तीन बेटे और एक विवाहित बेटी छोड़ गई हैं। बेटी काजल सावन के कारण मायके आई हुई थी। मां की मौत और पिता की गंभीर हालत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और घायल मनोज कुमार के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।