फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   paperless land registration stalls property registries in gaya amid deed writers protest today bihar news

Bihar News: गयाजी में दो दिन से जमीन की रजिस्ट्री ठप, पेपरलेस व्यवस्था के विरोध में डीड राइटरों का असहयोग

Wed, 19 Aug 2026 07:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 19 Aug 2026 07:46 PM IST
सार

बिहार में नई पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद गयाजी में जमीन की रजिस्ट्री का काम दो दिनों से ठप है। डीड राइटरों के असहयोग के चलते खरीदार और विक्रेता परेशान हैं। डीड राइटर तकनीकी खामियों का हवाला देकर व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।

विज्ञापन
paperless land registration stalls property registries in gaya amid deed writers protest today bihar news
जिला निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार सरकार की नई पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद गयाजी में जमीन की रजिस्ट्री पूरी तरह ठप हो गई है। डीड राइटरों के असहयोग के कारण लगातार दो दिनों से एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। निबंधन कार्यालयों में सन्नाटा पसरा है, जबकि जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचे खरीदार और विक्रेता बिना काम कराए लौट रहे हैं।

विज्ञापन


डीड राइटर नई व्यवस्था में तकनीकी खामियां बताते हुए पुराने सिस्टम को बहाल करने या उसमें सुधार करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन का दावा है कि लोगों में भ्रम की स्थिति है और जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।

विज्ञापन

दो दिन से ठप है रजिस्ट्री का काम
17 अगस्त से बिहार में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद गयाजी में इसका विरोध तेज हो गया है। डीड राइटरों के असहयोग के चलते लगातार दो दिनों से एक भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई। इसका असर अब रियल एस्टेट कारोबार पर भी दिखने लगा है। जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पहुंचे लोग मायूस होकर लौट रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्टांप पेपर ही सुरक्षित व्यवस्था
डीड राइटर रमेश कुमार सिन्हा ने कहा कि नई व्यवस्था में कई तकनीकी त्रुटियां हैं। उन्होंने कहा कि स्टांप पेपर पर तैयार होने वाली रजिस्ट्री में खरीदार और विक्रेता के हस्ताक्षर होते हैं, जिससे दस्तावेज की विश्वसनीयता बनी रहती है। उनका कहना है कि पेपरलेस व्यवस्था में दस्तावेज डाउनलोड करने की बात कही जा रही है, लेकिन भविष्य में तकनीकी समस्या होने पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

विरोध नहीं, असहयोग आंदोलन
डीड राइटर मुकेश आनंद ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार कराना है। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में खरीदार और विक्रेता के हस्ताक्षर की व्यवस्था नहीं है। लोग मोबाइल पर आने वाला ओटीपी साझा करने से भी हिचक रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार कागजी दस्तावेज अपने पास रखे और उसकी प्रति खरीदार को उपलब्ध कराए।

बिना सलाह लागू कर दी नई व्यवस्था
डीड राइटर राजकुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार ने 17 अगस्त से नई व्यवस्था लागू कर दी, लेकिन इससे पहले डीड राइटरों से कोई चर्चा या सुझाव नहीं लिया गया। उनका कहना है कि पहले की व्यवस्था अधिक व्यावहारिक और भरोसेमंद थी।

पहचान और सुरक्षा की चिंता
डीड राइटर राजेश कुमार ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था से सबसे बड़ा खतरा पहचान और सुरक्षा का है। उन्होंने कहा कि कई लोगों का आधार किसी दूसरे मोबाइल नंबर से जुड़ा है। ऐसी स्थिति में ओटीपी के आधार पर गलत तरीके से भी रजिस्ट्री हो सकती है। उनका कहना है कि पहले कागजी प्रक्रिया में सभी विवरण दर्ज होते थे, जबकि नई व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज नहीं हो रही हैं।

लोगों में भ्रम, व्यवस्था होगी और पारदर्शी
गयाजी के सब-रजिस्ट्रार उमेश्वर कुमार ने बताया कि बिहार सरकार ने बदलते समय के अनुरूप पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू की है। अब दस्तावेज अधिकृत लाइसेंसधारी सेवा प्रदाताओं के माध्यम से ऑनलाइन तैयार होंगे। खरीदार, विक्रेता और गवाहों का सत्यापन डिजिटल तरीके से किया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज निबंधन कार्यालय में जमा होंगे और रजिस्ट्री पूरी होने पर हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपरलेस का मतलब यह नहीं है कि लोगों को कोई दस्तावेज नहीं मिलेगा। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में लोगों को अधिक सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि डीड राइटरों की ओर से कुछ तकनीकी सुझाव दिए गए हैं, जिन पर काम चल रहा है। उनकी समस्याओं का समाधान होने के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।



ये भी पढ़ें- Bihar: वैशाली में सिक्सलेन पुल पर दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस; क्षेत्र में दहशत

रियल एस्टेट कारोबार भी प्रभावित
पेपरलेस व्यवस्था को लेकर जारी गतिरोध का असर अब रियल एस्टेट कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। रजिस्ट्री नहीं होने से जमीन की खरीद-बिक्री के सौदे अटक गए हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आम लोगों के साथ-साथ संपत्ति कारोबार पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

 

जिला निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा

जिला निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा

 

जिला निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा

जिला निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा

 

जिला निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा

जिला निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed