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मध्यान भोजन में गड़बड़ी का खुलासा: निरीक्षण में उपस्थिति और पंजी के आंकड़ों में बड़ा अंतर, विभाग ने दी चेतावनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:33 AM IST
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सार
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत चल रही मध्याह्न भोजन व्यवस्था में जहानाबाद जिले के दो स्कूलों में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय सेववन और रतनी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय महमदपुर में औचक निरीक्षण के दौरान छात्रों की वास्तविक उपस्थिति और एमडीएम पंजी में दर्ज संख्या में बड़ा अंतर पाया गया।
दो स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से तीन दिन में जवाब तलब
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत चल रही मध्याह्न भोजन व्यवस्था में गड़बड़ी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय सेववन और रतनी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय महमदपुर में औचक निरीक्षण के दौरान छात्रों की वास्तविक उपस्थिति और एमडीएम पंजी में दर्ज संख्या में बड़ा अंतर पाया गया। इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पीएम पोषण योजना ने दोनों प्रधानाध्यापकों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
सामने आई चौकाने वाले तथ्य
विभागीय पत्र के अनुसार प्रखंड साधन सेवी द्वारा किए गए निरीक्षण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मध्य विद्यालय सेववन में निरीक्षण के समय 95 छात्र उपस्थित मिले, जबकि मध्याह्न भोजन पंजी में केवल 43 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। वहीं भौतिक सत्यापन में 48 छात्र पाए गए। इस अंतर ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय महमदपुर में निरीक्षण के दौरान 82 छात्र मौजूद मिले, जबकि पहले के दिनों में औसत उपस्थिति 145 दिखाई गई थी। आंकड़ों में इस बड़े अंतर को देखते हुए सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पंजी में दर्ज संख्या और वास्तविक उपस्थिति में लगातार अंतर मिलता है तो इससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने दिया निर्देश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि संबंधित प्रधानाध्यापक तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण साक्ष्य के साथ दें। साथ ही पिछले तीन माह और चालू माह की मध्याह्न भोजन पंजी की छायाप्रति कार्यालय में जमा करने को कहा गया है। तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
ये भी पढ़ें: शादी का झांसा देकर बुलाया, भाइयों ने सिर में मारी गोली और गला काटा, 72 घंटे में पुलिस ने खोला राज
शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना का मकसद बच्चों को पौष्टिक भोजन देना और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही, आंकड़ों में हेरफेर या वित्तीय गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिया है कि आगे भी अलग अलग स्कूलों में औचक निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने भी उम्मीद जताई है कि जहां भी गड़बड़ी मिले, वहां दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि बच्चों के हक से कोई समझौता न हो।
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सामने आई चौकाने वाले तथ्य
विभागीय पत्र के अनुसार प्रखंड साधन सेवी द्वारा किए गए निरीक्षण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मध्य विद्यालय सेववन में निरीक्षण के समय 95 छात्र उपस्थित मिले, जबकि मध्याह्न भोजन पंजी में केवल 43 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। वहीं भौतिक सत्यापन में 48 छात्र पाए गए। इस अंतर ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय महमदपुर में निरीक्षण के दौरान 82 छात्र मौजूद मिले, जबकि पहले के दिनों में औसत उपस्थिति 145 दिखाई गई थी। आंकड़ों में इस बड़े अंतर को देखते हुए सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पंजी में दर्ज संख्या और वास्तविक उपस्थिति में लगातार अंतर मिलता है तो इससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
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जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने दिया निर्देश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि संबंधित प्रधानाध्यापक तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण साक्ष्य के साथ दें। साथ ही पिछले तीन माह और चालू माह की मध्याह्न भोजन पंजी की छायाप्रति कार्यालय में जमा करने को कहा गया है। तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना का मकसद बच्चों को पौष्टिक भोजन देना और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही, आंकड़ों में हेरफेर या वित्तीय गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिया है कि आगे भी अलग अलग स्कूलों में औचक निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने भी उम्मीद जताई है कि जहां भी गड़बड़ी मिले, वहां दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि बच्चों के हक से कोई समझौता न हो।