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Bihar: '15 हजार दो, तभी होगा काम', घूस लेते ही दबोचा गया डाटा ऑपरेटर, छह महीने से लटका रखा था काम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिमी चंपारण
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 16 Jun 2026 10:54 PM IST
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सार
West Champaran: बेतिया अंचल कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर कार्यरत डाटा ऑपरेटर राज कुमार मिश्रा को निगरानी विभाग की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह जमीन की जमाबंदी पर लगे लॉक को हटाने के बदले रिश्वत मांग रहा था।
निगरानी की गिरफ्त में ऑपरेटर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बेतिया अंचल कार्यालय के आरटीपीएस (RTPS) काउंटर पर कार्यरत डाटा ऑपरेटर राज कुमार मिश्रा को निगरानी विभाग की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया और कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव निवासी राज कुमार मिश्रा के रूप में हुई है, जो पिछले करीब पांच वर्षों से बेतिया अंचल कार्यालय में कार्यरत थे।
जमाबंदी का लॉक खोलने के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, परिवादी बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि उन्होंने राजेश कुमार से जमीन खरीदी थी। जमीन की जमाबंदी पर लगा लॉक खोलने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन डाटा ऑपरेटर राज कुमार मिश्रा लॉक हटाने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। आरोप है कि पिछले करीब छह महीनों से काम लंबित रखकर लगातार रिश्वत मांगी जा रही थी।
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शिकायत की जांच के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर टीम ने जाल बिछाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही राज कुमार मिश्रा ने 15 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें कार्यालय से ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
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निगरानी अधिकारियों ने बताया पूरा मामला
निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बेतिया अंचल कार्यालय में पदस्थापित डाटा ऑपरेटर राज कुमार मिश्रा द्वारा परिवादी बालेश्वर कुमार से एक कार्य के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई थी। उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि परिवादी बालेश्वर कुमार ने राजेश कुमार से जमीन खरीदी थी। जमाबंदी का एक लॉक बंद था, जिसे खोलने के लिए आवेदन दिया गया था। इसी क्रम में बालेश्वर कुमार कई बार डाटा ऑपरेटर से मिले थे। डाटा ऑपरेटर द्वारा कहा गया था कि जब तक 15 हजार रुपये नहीं दिए जाएंगे, तब तक लॉक नहीं खोला जाएगा। आज 15 हजार रुपये लेते हुए डाटा ऑपरेटर राज कुमार मिश्रा को उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। मामले में अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।