Bihar Cabinet: पति ने क्यों सौंपी थी लेसी सिंह को राजनीतिक विरासत? कोर्ट में सुहाग छिना, फिर भी हारी नहीं
Bihar Cabinet: धमदाहा विधायक लेशी सिंह ने निजी जीवन की बड़ी त्रासदी को अपनी ताकत बनाकर सीमांचल की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई। पति बूटन सिंह की हत्या के बाद भी उन्होंने संघर्ष जारी रखा और आज वे जदयू की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में गिनी जाती हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार की राजनीति में कुछ नाम अपनी विरासत से पहचाने जाते हैं, तो कुछ अपने कठिन संघर्ष और अटूट हौसले से। धमदाहा विधायक और बिहार सरकार की कद्दावर नेता लेशी सिंह ऐसा ही एक नाम हैं, जिन्होंने निजी जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी को अपनी राजनीतिक ताकत में बदल दिया। आज वे न केवल पूर्णिया, बल्कि पूरे सीमांचल में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का मजबूत स्तंभ और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे भरोसेमंद सिपहसालार मानी जाती हैं।
साधारण जीवन से राजनीति तक का सफर
कटिहार जिले के गौआगाछी गांव में 5 जनवरी 1974 को जन्मी लेशी सिंह का जीवन बेहद साधारण था। उनकी शादी महज 16 वर्ष की उम्र में धमदाहा के कद्दावर नेता मधुसूदन सिंह उर्फ बूटन सिंह से हुई थी। राजनीति उन्हें प्रत्यक्ष रूप से विरासत में तब मिली, जब 1995 के चुनाव में हार के बाद उनके पति ने क्षेत्र की सियासी बागडोर लेशी सिंह के हाथों में सौंपने का निर्णय लिया। साल 2000 में समता पार्टी के टिकट पर पहली बार चुनाव जीतकर उन्होंने सीमांचल की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
पति की हत्या के बाद नहीं टूटा हौसला
फरवरी 2000 में मिली उनकी पहली जीत का गुलाल अभी उतरा भी नहीं था कि दो महीने बाद ही उनके जीवन में अंधकार छा गया। 19 अप्रैल 2000 को पूर्णिया कोर्ट परिसर के पास उनके पति बूटन सिंह की सरेआम हत्या कर दी गई। विरोधियों को लगा कि अब लेशी सिंह टूट जाएंगी और उनका राजनीतिक करियर समाप्त हो जाएगा, लेकिन उन्होंने आंसू बहाने के बजाय मैदान में डटे रहने का फैसला किया। इस त्रासदी ने उन्हें एक साधारण गृहिणी से आयरन लेडी के रूप में बदल दिया। उन्होंने न केवल अपने परिवार को संभाला, बल्कि अपने क्षेत्र की जनता के भरोसे को भी टूटने नहीं दिया।
जदयू में बढ़ा राजनीतिक कद
समता पार्टी के जदयू में विलय के बाद लेशी सिंह ने अपनी संगठन क्षमता और वफादारी से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विश्वास जीता। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। वर्ष 2006 में वे जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष बनीं और 2007 में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बनकर महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ी।
कई अहम विभागों की संभाली जिम्मेदारी
लेशी सिंह के राजनीतिक कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे पिछले एक दशक से लगभग हर मंत्रिमंडल का हिस्सा रही हैं। मार्च 2014 में पहली बार उद्योग मंत्री बनने के बाद उन्होंने समाज कल्याण, आपदा प्रबंधन और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। 20 नवंबर 2025 को उन्होंने पुनः मंत्री पद की शपथ ली।
एनडीए सरकार में और मजबूत हुई स्थिति
बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और एनडीए सरकार के नए स्वरूप में लेशी सिंह का कद और बढ़ता नजर आ रहा है। ताजा राजनीतिक घटनाक्रमों के अनुसार पूर्व, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ अब वे सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले आगामी एनडीए मंत्रिमंडल में भी शामिल होकर प्रदेश की सेवा करेंगी। यह उनके प्रशासनिक अनुभव और सीमांचल में उनकी मजबूत पकड़ पर आलाकमान के भरोसे को दर्शाता है।
लगातार बढ़ता गया जीत का अंतर
लेशी सिंह की लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण उनकी जीत का बढ़ता अंतर है। उन्होंने हर चुनाव में अपने विरोधियों को बड़े अंतर से मात दी है।
2010: 45 हजार वोटों की बड़ी जीत
2015 और 2020: 30 हजार से अधिक मतों के अंतर से विजय
2025: 55 हजार वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल कर उन्होंने साबित कर दिया कि धमदाहा उनका अभेद्य किला है।
2025 के अंत में मंत्री बनने के बाद अब नई व्यवस्था में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित मानी जा रही है। सीमांचल की इस सशक्त नेत्री ने यह साबित कर दिया है कि यदि हौसला बुलंद हो, तो बड़ी से बड़ी त्रासदी भी सफर को रोक नहीं सकती। वे आज बिहार की महिला राजनीति का सबसे सशक्त चेहरा बनकर उभरी हैं।
ये भी पढ़ें: पटना में NDA का शक्ति प्रदर्शन, पीएम की मौजूदगी में हुआ सम्राट कैबिनेट विस्तार
करोड़ों की संपत्ति और मजबूत आर्थिक आधार
वर्ष 2025 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, लेशी सिंह की वित्तीय स्थिति भी उनकी राजनीतिक मजबूती को दर्शाती है। उनके पास कुल 2.2 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। उनके बेड़े में तीन लग्जरी कारें और दो ट्रक शामिल हैं, जो उनके व्यवसायिक और व्यक्तिगत आधार को मजबूत करते हैं। इसके अलावा सुरक्षा और शौकिया तौर पर उनके पास एक 12 बोर की बंदूक भी है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.