Bihar: मत्स्य विभाग ने जब्त की, लेकिन थाने से मंडी पहुंच गई 18 क्विंटल थाई मांगुर; पुलिस की लापरवाही बेनकाब
Bihar Hindi News: मंगलवार रात करीब 10 बजे पुलिस की टीम मछली मंडी पहुंची और एक पिकअप मछली जब्त कर उसे रात 12 बजे दफनाने का दावा किया। लेकिन बुधवार शाम 7 बजे तक राघोपुर थाने में इस संबंध में कोई नई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। पढ़ें पूरा मामला
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प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की बिक्री का मामला सुपौल जिले के राघोपुर थाना पुलिस के गले की फांस बन गया है। सोमवार की रात मत्स्य विभाग की टीम ने एनएच-27 स्थित सिमराही बाजार के गांधीनगर से ट्रक सहित बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मछली जब्त की थी। दावा था कि इस मछली के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ता है। मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई और राघोपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
लेकिन कार्रवाई को 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि जब्त ट्रक से थाने के अंदर ही मछली की बिक्री कर दी गई। व्यापारी ऑटो से मछली उतारकर मंडी ले गया और यह सब कुछ दिनदहाड़े हुआ। पुलिस के किसी अधिकारी या कर्मी ने रोकने की कोशिश तक नहीं की। साफ है कि यह काम थानाध्यक्ष की सहमति के बिना संभव नहीं था।अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने और वीडियो सामने आने के बाद वरीय अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया। इसके बाद मंगलवार देर रात पुलिस की टीम मंडी पहुंची और वहां से कुछ मछली जब्त कर दफनाने का दावा किया गया।
सौदेबाजी की भी चर्चा
व्यापारी सूत्रों के मुताबिक, ट्रक में करीब 25 क्विंटल मछली थी। इसमें 7 क्विंटल मर चुकी थी, जिसे दफनाने पर सहमति बनी। शेष 18 क्विंटल मछली 70 हजार रुपए में बेच दी गई। व्यापारी ने थाने में ही ट्रक से मछली अनलोड कराई और फिर मंडी भेज दी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मरी हुई मछलियों को ऑटो से किसान चौक के समीप एनएच-106 किनारे गड्ढा खोदकर दफनाया गया।
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कार्रवाई के नाम पर कोरम पूरा
मंगलवार रात करीब 10 बजे पुलिस की टीम मछली मंडी पहुंची और एक पिकअप मछली जब्त कर उसे रात 12 बजे दफनाने का दावा किया। लेकिन बुधवार शाम 7 बजे तक राघोपुर थाने में इस संबंध में कोई नई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। सवाल उठ रहा है कि अगर मछली चोरी या लूट हुई थी, तो केस क्यों नहीं हुआ? सूत्रों का यह भी कहना है कि 6-7 ट्रिप में मछली मंडी पहुंचाई गई थी। इस बाबत थानाध्यक्ष नवीन कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से परहेज किया और सिर्फ इतना कहा कि “कार्रवाई से अवगत कराते हैं थोड़ी देर में।
एसडीपीओ बोले – रिपोर्ट मांगी गई है
वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने थानाध्यक्ष को कार्रवाई का निर्देश दिया। मत्स्य पदाधिकारी के कहने पर मछली को नष्ट किया गया। केवल एक गाड़ी मछली मंडी गई थी, जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सौदेबाजी की जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।