Bihar: ऑटो में तड़पती रही गर्भवती, अस्पताल ने भर्ती से किया इनकार; मां-बेटे की मौत से मचा परिवार में कोहराम
Bihar News: परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने पहले एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की बात कही और जब वे ऑटो से महिला को लेकर पहुंचे तो कहा गया कि डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बीच प्रसूता ने ऑटो में ही दम तोड़ दिया।
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सुपौल जिले के छातापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत झखाड़गढ़ पंचायत वार्ड संख्या 7 की एक 25 वर्षीय गर्भवती महिला की इलाज के अभाव में मौत हो गई। मृतका के गर्भ में पल रहे बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। घटना शनिवार की देर रात सुशीला हॉस्पिटल परिसर में हुई।
मृतका की पहचान मंटू कुमार मिश्रा की पत्नी अन्नू कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, अन्नू की पहले से ही इसी हॉस्पिटल में देखरेख चल रही थी। डॉक्टरों ने कहा था कि प्रसव पीड़ा शुरू होते ही लेकर आना। लेकिन शनिवार की रात जब प्रसव पीड़ा बढ़ी और उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल कर्मियों ने भर्ती लेने से मना कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने पहले एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की बात कही और जब वे ऑटो से महिला को लेकर पहुंचे तो कहा गया कि डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बीच प्रसूता ने ऑटो में ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद मृतका के मायके वालों और ससुराल पक्ष ने अलग-अलग आरोप लगाए। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया, जबकि ससुराल पक्ष का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही से मौत हुई। वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. विपिन कुमार का दावा है कि महिला को मृत अवस्था में ही लाया गया था और किसी तरह का हंगामा नहीं हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल किसी पक्ष से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। थाना प्रभारी प्रमोद झा ने बताया कि आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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मायके वालों के आरोप
मृतका का मायका अररिया जिले के शिवपुरी मोहल्ला वार्ड संख्या 9 में है। उसके पिता चंद्रमोहन ठाकुर ने पुलिस को आवेदन देकर दामाद और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बेटी की शादी 11 फरवरी 2023 को हिंदू रीति-रिवाज से की गई थी और दहेज में 10 लाख रुपये भी दिए गए थे। शुरू के छह माह तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन उसके बाद और सामान की मांग की जाने लगी।
उन्होंने कहा कि अन्नू को अक्सर मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता था और मायके वालों से मिलने नहीं दिया जाता था। हाल ही में उसका भाई भी विदाई के लिए ससुराल गया था, लेकिन उसे लौटा दिया गया। चंद्रमोहन ठाकुर ने कहा कि उनकी बेटी नौ माह की गर्भवती थी और पहले से दो साल की एक बेटी भी है, जिसका जन्म ऑपरेशन से हुआ था।