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Bihar: अस्पताल में गार्ड की गुंडागर्दी, नशे में व्यक्ति को चोर समझकर बेरहमी से पीटा, जांच में सच्चाई आई सामने
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सहरसा
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 07 Nov 2025 12:48 PM IST
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सार
सहरसा सदर अस्पताल में एक सुरक्षा गार्ड ने नशे में धुत व्यक्ति को चोर समझकर पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। घायल व्यक्ति की पहचान बिजली राउत के रूप में हुई है।
मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के सहरसा सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की क्रूरता का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के गार्ड ने एक नशेड़ी व्यक्ति को चोर समझकर इतनी बेरहमी से पीटा कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद खुलासा हुआ कि चोरी का कोई मामला नहीं था, जिससे गार्ड की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नशे में बच्चा वार्ड में पहुंचा शख्स
जख्मी व्यक्ति की पहचान 40 वर्षीय बिजली राउत के रूप में हुई है। वह सहरसा के वार्ड नंबर 13, संजय पार्क के पास का रहने वाला है और पिछले एक साल से अपने ससुराल में ही रह रहा था। पीड़ित के ससुर राजू राउत ने बताया कि बिजली राउत चाय पीने के लिए घर से निकला था, लेकिन वह नशे में धुत था। नशे की हालत में वह घूमते हुए अस्पताल के बच्चा वार्ड (Children’s Ward) के एक कमरे में घुस गया।
नर्स ने गार्ड को दी सूचना, फिर हुई पिटाई
बच्चा वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्स ने जब नशे में धुत व्यक्ति को कमरे में संदिग्ध स्थिति में देखा तो उसने तुरंत अस्पताल के सुरक्षा गार्ड को सूचना दी। गार्ड ने बिना किसी पूछताछ या पुष्टि के, बिजली राउत को चोर समझ लिया और उसे पकड़कर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीट दिया। पिटाई के बाद अस्पताल प्रशासन ने खुद ही सहरसा सदर थाना पुलिस को सूचना दी कि उन्होंने एक चोर को पकड़ लिया है।
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'लिखित शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई'
घायल बिजली राउत का इलाज सहरसा सदर अस्पताल में ही चल रहा है और वह अभी भी नशे की हालत में है। सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह घटना गलतफहमी के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित पक्ष की ओर से इस घटना को लेकर कोई लिखित आवेदन दिया जाता है, तो पुलिस उचित कानूनी कार्रवाई करेगी। इस घटना से पीड़ित के परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने अस्पताल के गार्डों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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नशे में बच्चा वार्ड में पहुंचा शख्स
जख्मी व्यक्ति की पहचान 40 वर्षीय बिजली राउत के रूप में हुई है। वह सहरसा के वार्ड नंबर 13, संजय पार्क के पास का रहने वाला है और पिछले एक साल से अपने ससुराल में ही रह रहा था। पीड़ित के ससुर राजू राउत ने बताया कि बिजली राउत चाय पीने के लिए घर से निकला था, लेकिन वह नशे में धुत था। नशे की हालत में वह घूमते हुए अस्पताल के बच्चा वार्ड (Children’s Ward) के एक कमरे में घुस गया।
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नर्स ने गार्ड को दी सूचना, फिर हुई पिटाई
बच्चा वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्स ने जब नशे में धुत व्यक्ति को कमरे में संदिग्ध स्थिति में देखा तो उसने तुरंत अस्पताल के सुरक्षा गार्ड को सूचना दी। गार्ड ने बिना किसी पूछताछ या पुष्टि के, बिजली राउत को चोर समझ लिया और उसे पकड़कर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीट दिया। पिटाई के बाद अस्पताल प्रशासन ने खुद ही सहरसा सदर थाना पुलिस को सूचना दी कि उन्होंने एक चोर को पकड़ लिया है।
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पुलिस जांच में नहीं मिला चोरी का कोई सबूत
सूचना मिलते ही सहरसा सदर थाना के सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चा वार्ड के सभी कमरों की बारीकी से जांच की, लेकिन कहीं भी चोरी का कोई निशान नहीं मिला। पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि नशे में धुत व्यक्ति को गार्ड ने गलतफहमी में चोर समझकर पीटा है।'लिखित शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई'
घायल बिजली राउत का इलाज सहरसा सदर अस्पताल में ही चल रहा है और वह अभी भी नशे की हालत में है। सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह घटना गलतफहमी के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित पक्ष की ओर से इस घटना को लेकर कोई लिखित आवेदन दिया जाता है, तो पुलिस उचित कानूनी कार्रवाई करेगी। इस घटना से पीड़ित के परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने अस्पताल के गार्डों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।