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Bihar News: प्रदेश का अब ये शहर बनेगा 'सैटेलाइट सिटी', ट्रैफिक, जल निकासी व कचरा प्रबंधन पर खास मास्टर प्लान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Thu, 27 Nov 2025 10:31 PM IST
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सार
सहरसा शहर को अब महानगरों की तर्ज पर सैटेलाइट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसकी सैद्धांतिक सहमति देते हुए कैबिनेट में स्वीकृति प्रदान कर दी है। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने जानकारी दी।
सहरसा शहर पकड़ेगा विकास की रफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार सरकार ने सहरसा शहर के विकास को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। अब सहरसा को एक योजनाबद्ध सैटेलाइट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य कैबिनेट में स्वीकृति मिलने के बाद गुरुवार को सहरसा नगर निगम आयुक्त प्रभात कुमार झा ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। नगर आयुक्त ने बताया कि कैबिनेट से सूबे के 9 प्रमंडल मुख्यालय वाले शहरों को सैटेलाइट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की मंजूरी मिली है, जिसमें सहरसा नगर निगम भी शामिल है। यह पहल सड़कों की भीड़ कम करने और शहरों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
वर्ल्ड क्लास सिटी का निर्माण, मूलभूत सुविधाओं पर जोर
प्रभात कुमार झा ने कहा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य सहरसा शहर को 'वर्ल्ड क्लास सिटी' का स्वरूप देना है। इसके तहत नागरिकों को बेहतर और मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। नई सैटेलाइट टाउनशिप में निम्नलिखित सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी
जन सुविधाएं: बेहतरीन सड़कें, पार्क, खेल के मैदान और सामुदायिक केंद्र।
योजनाबद्ध विकास: पूरे शहर का विकास एक निर्धारित मास्टर प्लान के तहत किया जाएगा। ट्रैफिक और भीड़ कम करने की ठोस रणनीति बनेगी। शहरों की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण होती है। इसे सुव्यवस्थित करने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की गई है।
नए मार्ग और पार्किंग: ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने के लिए नए मार्गों का निर्माण किया जाएगा और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी।
सार्वजनिक परिवहन: सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम हो सके।
अतिक्रमण हटाना: अतिक्रमण हटाने के लिए एक ठोस रणनीति बनाई जाएगी ताकि सड़कें जाम मुक्त रहें।
ये भी पढ़ें- Bihar : 'पापा-माई को कष्ट नहीं होना चाहिए', चिट्ठी लिखी फिर जान दी; दो नंबर से UPSC एग्जाम में पिछड़ा था अंकित
जल निकासी और स्वच्छता का होगा वैज्ञानिक समाधान
नगर आयुक्त ने जोर देकर कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में जल निकासी, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज प्रणाली और जल निकासी की पुरानी समस्याओं का अब वैज्ञानिक समाधान किया जाएगा। इससे शहरों में स्वच्छता और स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर हो सकेगी, जिससे सहरसा के नागरिकों को स्वस्थ और बेहतर जीवन मिल सके।
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वर्ल्ड क्लास सिटी का निर्माण, मूलभूत सुविधाओं पर जोर
प्रभात कुमार झा ने कहा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य सहरसा शहर को 'वर्ल्ड क्लास सिटी' का स्वरूप देना है। इसके तहत नागरिकों को बेहतर और मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। नई सैटेलाइट टाउनशिप में निम्नलिखित सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी
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जन सुविधाएं: बेहतरीन सड़कें, पार्क, खेल के मैदान और सामुदायिक केंद्र।
योजनाबद्ध विकास: पूरे शहर का विकास एक निर्धारित मास्टर प्लान के तहत किया जाएगा। ट्रैफिक और भीड़ कम करने की ठोस रणनीति बनेगी। शहरों की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण होती है। इसे सुव्यवस्थित करने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की गई है।
नए मार्ग और पार्किंग: ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने के लिए नए मार्गों का निर्माण किया जाएगा और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी।
सार्वजनिक परिवहन: सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम हो सके।
अतिक्रमण हटाना: अतिक्रमण हटाने के लिए एक ठोस रणनीति बनाई जाएगी ताकि सड़कें जाम मुक्त रहें।
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जल निकासी और स्वच्छता का होगा वैज्ञानिक समाधान
नगर आयुक्त ने जोर देकर कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में जल निकासी, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज प्रणाली और जल निकासी की पुरानी समस्याओं का अब वैज्ञानिक समाधान किया जाएगा। इससे शहरों में स्वच्छता और स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर हो सकेगी, जिससे सहरसा के नागरिकों को स्वस्थ और बेहतर जीवन मिल सके।