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Bihar News: अमर उजाला की खबर का असर, कैंसर वाली मछली बेचने वाला थानेदार लाइन हाजिर; जानें मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 25 Sep 2025 07:53 AM IST
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सार
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में जब्त की गई प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की बिक्री मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। बीते 15 सितंबर को मत्स्य विभाग ने मछली जब्त की थी, लेकिन थाने से ही इसे बेच दिया गया।
पुलिस ने किया चोरी का केस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राघोपुर थाना क्षेत्र में बीते 15 सितंबर को मत्स्य विभाग की टीम ने प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली जब्त की थी, जिसे बाद में थानेदार ने बेच दिया। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद एसपी शरथ आरएस ने वीरपुर एसडीपीओ को जांच का जिम्मा सौंपा। अब रिपोर्ट सामने आने के बाद एसपी ने एक्शन लिया है। सुपौल के राघोपुर थाना परिसर से जब्त थाई मांगुर मछली की स्थानीय मंडी में बिक्री मामले में राघोपुर थानाध्यक्ष नवीन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी शरथ आरएस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। वहीं उनके स्थान पर अमित कुमार को राघोपुर का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है।
दरअसल, बीते 15 सितंबर को एनएच 27 पर सिमराही बाजार स्थित गांधीनगर के समीप मत्स्य विभाग की टीम ने एक ट्रक थाई मांगुर मछली को जब्त किया था। मामले में चालक सहित तीन लोग गिरफ्तार किए गए। तब मत्स्य विभाग के अधिकारियों का कहना था कि इस मछली के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा है। लेकिन इसके महज 24 घंटों में ही मछली थाना परिसर से ही बेच दी गई। हालांकि, खबर वरीय अधिकारियों तक पहुंची तो मंडी में छापेमारी कर करीब 12 क्विंटल मछली जब्त की गई। वहीं छापेमारी के बाद दोबारा पुलिस ने टालमटोल का रवैया अपनाया। बाद में वीरपुर एसडीपीओ को सूचना मिली तो उनके निर्देश पर 17 सितंबर की देर शाम एक व्यापारी के विरुद्ध थाना परिसर से मछली चोरी का केस दर्ज कर लिया गया।
हालांकि, अमर उजाला की पड़ताल में व्यापारी ने मत्स्य पदाधिकारी के माध्यम से 70 हजार रुपए में मछली खरीद का दावा किया। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद एसपी शरथ आरएस ने मामले में संज्ञान लेते हुए वीरपुर एसडीपीओ को पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे।
एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट पर एसपी ने लिया एक्शन
इधर, एसपी का निर्देश मिलते ही वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने मामले की जांच शुरू की। इस दौरान 22 सितंबर को मछली चोरी के आरोपी व्यवसायी संतोष साह की पत्नी खुशबु कुमारी ने भी वीरपुर एसडीपीओ को आवेदन दिया। जिसमें उसने अमर उजाला की खबर की पुष्टि की। आवेदन में बताया गया कि एक सोशल मीडिया चैनल चलाने वाले एक व्यक्ति ने सौदेबाजी में अहम भूमिका निभाई थी।
अब, एसडीपीओ ने अपनी यह जांच रिपोर्ट एसपी को सौंप दी है। जिसके बाद एसपी ने तत्कालीन राघोपुर थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया है। कार्रवाई की वजहों में राघोपुर थाना क्षेत्र में बीते दिनों बढ़ी आपराधिक घटनाएं और उसमें पुलिस की उपलब्धि नहीं रहना भी शामिल रही। इधर, सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में वीरपुर के अनुमंडल मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। ऐसे में उनके विरुद्ध भी पुलिसिया कार्रवाई संभव है। बहरहाल, वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जांच रिपोर्ट तैयार की गई। हालांकि, विभागीय गोपनीयता का हवाला देते हुए उन्होंने रिपोर्ट के तथ्यों की जानकारी देने से इनकार किया।
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दरअसल, बीते 15 सितंबर को एनएच 27 पर सिमराही बाजार स्थित गांधीनगर के समीप मत्स्य विभाग की टीम ने एक ट्रक थाई मांगुर मछली को जब्त किया था। मामले में चालक सहित तीन लोग गिरफ्तार किए गए। तब मत्स्य विभाग के अधिकारियों का कहना था कि इस मछली के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा है। लेकिन इसके महज 24 घंटों में ही मछली थाना परिसर से ही बेच दी गई। हालांकि, खबर वरीय अधिकारियों तक पहुंची तो मंडी में छापेमारी कर करीब 12 क्विंटल मछली जब्त की गई। वहीं छापेमारी के बाद दोबारा पुलिस ने टालमटोल का रवैया अपनाया। बाद में वीरपुर एसडीपीओ को सूचना मिली तो उनके निर्देश पर 17 सितंबर की देर शाम एक व्यापारी के विरुद्ध थाना परिसर से मछली चोरी का केस दर्ज कर लिया गया।
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हालांकि, अमर उजाला की पड़ताल में व्यापारी ने मत्स्य पदाधिकारी के माध्यम से 70 हजार रुपए में मछली खरीद का दावा किया। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद एसपी शरथ आरएस ने मामले में संज्ञान लेते हुए वीरपुर एसडीपीओ को पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे।
एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट पर एसपी ने लिया एक्शन
इधर, एसपी का निर्देश मिलते ही वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने मामले की जांच शुरू की। इस दौरान 22 सितंबर को मछली चोरी के आरोपी व्यवसायी संतोष साह की पत्नी खुशबु कुमारी ने भी वीरपुर एसडीपीओ को आवेदन दिया। जिसमें उसने अमर उजाला की खबर की पुष्टि की। आवेदन में बताया गया कि एक सोशल मीडिया चैनल चलाने वाले एक व्यक्ति ने सौदेबाजी में अहम भूमिका निभाई थी।
अब, एसडीपीओ ने अपनी यह जांच रिपोर्ट एसपी को सौंप दी है। जिसके बाद एसपी ने तत्कालीन राघोपुर थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया है। कार्रवाई की वजहों में राघोपुर थाना क्षेत्र में बीते दिनों बढ़ी आपराधिक घटनाएं और उसमें पुलिस की उपलब्धि नहीं रहना भी शामिल रही। इधर, सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में वीरपुर के अनुमंडल मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। ऐसे में उनके विरुद्ध भी पुलिसिया कार्रवाई संभव है। बहरहाल, वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जांच रिपोर्ट तैयार की गई। हालांकि, विभागीय गोपनीयता का हवाला देते हुए उन्होंने रिपोर्ट के तथ्यों की जानकारी देने से इनकार किया।