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Bihar: खगड़िया GNM ट्रेनिंग सेंटर में अवैध वसूली का आरोप, जवाब नहीं देने पर ट्यूटर पर सख्ती, जांच कमेटी गठित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 08:55 AM IST
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सार
खगड़िया सदर अस्पताल के GNM ट्रेनिंग सेंटर में छात्राओं से कथित अवैध वसूली मामले में नर्सिंग ट्यूटर सरफिना कुमारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने पर स्वास्थ्य विभाग ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
खगड़िया सदर अस्पताल
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
खगड़िया सदर अस्पताल स्थित जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में छात्राओं से कथित अवैध वसूली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोपों में घिरी नर्सिंग ट्यूटर सरफिना कुमारी की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का तय समय में जवाब नहीं देने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है।
गौरतलब है कि इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया था और संबंधित नर्सिंग ट्यूटर से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि निर्धारित 24 घंटे की समयसीमा बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है।
छात्राओं ने लगाए थे अवैध वसूली के आरोप
जानकारी के अनुसार जीएनएम स्कूल की छात्राओं ने नर्सिंग ट्यूटर सरफिना कुमारी पर प्रशिक्षण और अन्य कार्यों के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूलने का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. रमेन्द्र कुमार ने ज्ञापांक 1705 दिनांक 09.05.2026 के तहत नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर बिंदुवार जवाब मांगा था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कोई स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने संयुक्त जांच दल का गठन किया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जांच टीम में शामिल अधिकारी
जांच दल को निर्देश दिया गया है कि छात्राओं द्वारा दिए गए आवेदन, दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हर बिंदु की गहराई से जांच की जाए। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
ये भी पढ़ें- Bihar: आरजेडी सांसद की गाड़ी पर हमला, हमलावरों ने पीए व चालक को बेरहमी से पीटा; शादी से लौटते वक्त हुई घटना
सिविल सर्जन डॉ. रमेन्द्र कुमार ने कहा कि आदेश के बावजूद स्पष्टीकरण नहीं देना गंभीर मामला है। जांच टीम को निष्पक्ष जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
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गौरतलब है कि इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया था और संबंधित नर्सिंग ट्यूटर से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि निर्धारित 24 घंटे की समयसीमा बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है।
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छात्राओं ने लगाए थे अवैध वसूली के आरोप
जानकारी के अनुसार जीएनएम स्कूल की छात्राओं ने नर्सिंग ट्यूटर सरफिना कुमारी पर प्रशिक्षण और अन्य कार्यों के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूलने का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. रमेन्द्र कुमार ने ज्ञापांक 1705 दिनांक 09.05.2026 के तहत नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर बिंदुवार जवाब मांगा था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कोई स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने संयुक्त जांच दल का गठन किया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जांच टीम में शामिल अधिकारी
- डॉ. विजय कुमार – जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी
- डॉ. सुशांत सौरव – प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, खगड़िया
- डॉ. शशिवाला सिंह – चिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल
- रंजीत कुमार – जिला लेखा प्रबंधक (DAM)
- छात्राओं के आवेदन और साक्ष्यों की होगी जांच
जांच दल को निर्देश दिया गया है कि छात्राओं द्वारा दिए गए आवेदन, दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हर बिंदु की गहराई से जांच की जाए। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
ये भी पढ़ें- Bihar: आरजेडी सांसद की गाड़ी पर हमला, हमलावरों ने पीए व चालक को बेरहमी से पीटा; शादी से लौटते वक्त हुई घटना
सिविल सर्जन डॉ. रमेन्द्र कुमार ने कहा कि आदेश के बावजूद स्पष्टीकरण नहीं देना गंभीर मामला है। जांच टीम को निष्पक्ष जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।