Bihar: 'भूमाफियाओं पर सख्त कार्रवाई होगी, हड़ताल बर्दाश्त नहीं', डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दी चेतावनी
मुंगेर में आयोजित जनसंवाद में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भूमि विवाद खत्म करने, भूमाफियाओं पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता बढ़ाने की बात कही। हड़ताल को अनुचित बताते हुए वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की चेतावनी दी।
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शनिवार को मुंगेर के किला परिसर स्थित प्रेक्षागृह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभागीय प्रधान सचिव सी.के. अनिल, प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम कुमार मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, एडीएम सह प्रभारी डीएम मनोज कुमार, एसपी सैयद इमरान मसूद और नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
संवाद को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से जुड़े विवाद अक्सर कई अन्य समस्याओं को जन्म देते हैं, इसलिए इनका समाधान सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर विवादों को लंबा खींचते हैं, लेकिन सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे लोगों को न्याय के लिए वर्षों तक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने बताया कि यह अब तक का 10वां जनसंवाद है, जिसमें 15 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता गरीब और आवासविहीन लोग हैं। सरकार का लक्ष्य सभी बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही भूमाफियाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विवाद खड़ा करने वालों पर केस दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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रिश्वतखोरी के मुद्दे पर भी उन्होंने सख्ती दिखाई और आम लोगों से शिकायत करने की अपील करते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। जमीन के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया। सीओ और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे अनुचित बताया और चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था बाधित हुई तो सरकार वैकल्पिक व्यवस्था लागू करेगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल और तालाबंदी लोकतंत्र नहीं, बल्कि अराजकता का प्रतीक है।
अफवाहों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही कार्य कर रहे हैं और किसी निजी प्रभाव में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मार्च तक 40 लाख परिमार्जन का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन हड़ताल के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, हालांकि आधे कर्मचारी अब भी काम कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार पांच बार वार्ता कर चुकी है।