‘अंग क्षेत्र टाउनशिप’ को कैबिनेट की मंजूरी, 43 गांवों के विकास का रास्ता साफ;जमीन खरीद-बिक्री पर एक साल की रोक
मुंगेर जिले के शहरी विकास को नई दिशा देते हुए राज्य सरकार ने “अंग क्षेत्र टाउनशिप” परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुए फैसले के तहत यह टाउनशिप करीब 100 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी।
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विस्तार
मुंगेर जिले के शहरी विकास और आधुनिक विस्तार को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में “अंग क्षेत्र टाउनशिप” बसाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले से जिले के चार प्रखंडों के 43 राजस्व गांवों के समग्र विकास का रास्ता साफ हो गया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी टाउनशिप
सरकार की योजना के अनुसार यह टाउनशिप करीब 100 एकड़ जमीन पर विकसित की जाएगी। इसमें चौड़ी और सुनियोजित सड़कें, आधुनिक भूमिगत जल निकासी प्रणाली, हरित क्षेत्र, पार्क, आवासीय परिसर और बड़े व्यावसायिक केंद्र विकसित किए जाएंगे। यह टाउनशिप आधुनिक जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ मुंगेर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी बनाए रखेगी, इसी वजह से इसका नाम “अंग क्षेत्र टाउनशिप” रखा गया है।
DPR और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब भूमि अधिग्रहण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। टाउनशिप में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और मनोरंजन के लिए अलग-अलग जोन बनाए जाएंगे, ताकि लोगों को एक ही जगह पर सभी सुविधाएं मिल सकें।
जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक
परियोजना को सही तरीके से लागू करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रस्तावित क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री, निबंधन और हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से एक साल की रोक लगा दी गई है। साफ निर्देश दिया गया है कि इस अवधि में किसी भी प्रकार की निजी रजिस्ट्री मान्य नहीं होगी। साथ ही भू-माफिया और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों को बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा, ताकि किसी तरह का विवाद न हो। इस परियोजना में बरियारपुर, खड़गपुर, जमालपुर और धरहरा प्रखंड के कुल 43 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं।
बरियारपुर प्रखंड के गांव: राजधान, राकस चूल्हा, पहाड़पुर आराजी, बरैल, हरपुर आराजी, खड़ग सरही, पासी चक, बाबू चक, बहादुरपुर, मिर्जा चक, गोसाईं चक, बरियारपुर (मुख्य), कुमारपुर आराजी, बरैल आराजी, रतनपुर, चुकी निरपुर, चिरैयाबाद।
खड़गपुर प्रखंड के गांव: बिराजपुर आराजी, बिंद्राबन, तेलिया, नाकी, लक्ष्मीपुर, पुरुषोत्तमपुर, बगरा, गालिमपुर, विक्रमपुर, तेलियाडीह, दानगरा चक, डंगरी, बुढ़तितरा, लोहची, संग्रामपुर।
जमालपुर और धरहरा प्रखंड के गांव: पाटम और टोला बनैली पहाड़।
मुंगेर को मिलेगा नया शहरी स्वरूप
यह महत्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजना मुंगेर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे आधारभूत संरचना मजबूत होगी और रोजगार, निवेश व जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।