Bihar: तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त, पुलिसकर्मियों की चैट से खुला 1500 वाली डील का राज, 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार
मुंगेर में पशु तस्करी के एक नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है, जिसमें चार पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत सामने आई है। पुलिस ने चार पुलिसकर्मियों समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पशुओं से लदे ट्रकों को मुंगेर से सुरक्षित पार कराने के बदले पुलिसकर्मियों को प्रत्येक खेप के लिए 1,500 रुपये दिए जाते थे।
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बिहार के मुंगेर जिले में पशु तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत सामने आई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि पशुओं से लदे ट्रकों को मुंगेर जिले से सुरक्षित पार कराने के बदले रात्रि गश्ती दल और यातायात पुलिस से जुड़े कर्मियों को हर खेप के लिए 1,500 रुपये दिए जाते थे। पुलिस ने मौके से 35 भैंस, एक ट्रक, एक बाइक, सात मोबाइल फोन और 47 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। ट्रक में लदी चार भैंस मृत पाई गईं।
चार पुलिसकर्मियों समेत सात गिरफ्तार
गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की पहचान यातायात थाना के एएसआई अयोध्या कुमार, यातायात थाना के चालक विमलेश कुमार तथा मुफस्सिल थाना के होमगार्ड जवान अभिलेश कुमार और अरविंद कुमार के रूप में हुई है। वहीं, पशु तस्करी के आरोप में ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू, उपचालक मो. जियाउल और लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
35 भैंस बरामद, चार की मौत
पुलिस के अनुसार, ट्रक में 35 भैंसों को बेहद क्रूर तरीके से लादकर ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के बाद सभी पशुओं को मुफस्सिल थाना लाया गया, जहां जांच के दौरान चार भैंस मृत पाई गईं। इसके अलावा पुलिस ने एक ट्रक, एक बाइक, सात मोबाइल फोन और 47 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
श्रीकृष्ण सेतु के पास वाहन जांच में पकड़ा गया ट्रक
एसपी सैयद इमरान मसूद ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 6 और 7 अगस्त की मध्यरात्रि पुलिस को सूचना मिली थी कि पशु तस्कर एक ट्रक में क्रूरतापूर्वक पशुओं को लादकर मुंगेर के रास्ते ले जा रहे हैं। ट्रक के आगे एक लाइनर बाइक से चल रहा था।
सूचना के आधार पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह और जिला आसूचना इकाई की टीम के नेतृत्व में श्रीकृष्ण सेतु के पास वाहन जांच अभियान चलाया गया।
इसी दौरान चंडिका स्थान की ओर से आ रहे एक बाइक सवार को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही बाइक सवार ने ट्रक चालक को रास्ता बदलकर भागने का इशारा किया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बाइक सवार और पशुओं से लदे ट्रक को पकड़ लिया।
भागलपुर से अररिया ले जाई जा रही थीं भैंसें
पूछताछ में ट्रक चालक अमित कुमार और उपचालक मो. जियाउल ने बताया कि वे खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम कुमार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव का निवासी है। पूछताछ में लाइनर ने बताया कि पशुओं को भागलपुर जिले से ट्रक के जरिए लाया जा रहा था और उन्हें अररिया जिले तक पहुंचाया जाना था।
मोबाइल चैट से खुला पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत का राज
एसपी ने बताया कि लाइनर के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पशु तस्करी के नेटवर्क में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता से जुड़े साक्ष्य मिले। जांच में पता चला कि पशुओं से लदे ट्रकों को मुंगेर जिले से सुरक्षित पार कराने के बदले रात्रि गश्ती दल और यातायात पुलिस से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रत्येक खेप के लिए 1,500 रुपये दिए जाते थे। मोबाइल चैट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यातायात थाना के एएसआई समेत चार पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पांच से छह अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पांच से छह अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इनमें पुलिस पदाधिकारी, पुलिसकर्मी और पशु तस्करी से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपों के सत्यापन के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। मुफस्सिल थाना में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और पशु परिवहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।