Bihar News: उपचार के बीच 28 वर्षीय युवक की मौत; परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप; अस्पताल में किया हंगामा
मुंगेर के मॉडल सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 28 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रशासन के जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
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मॉडल सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 28 वर्षीय युवक की मौत के बाद मंगलवार रात जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने चिकित्सकों व अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। हंगामे के कारण अस्पताल की इमरजेंसी सेवा करीब 12 घंटे तक बाधित रही। बुधवार सुबह जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और जांच व कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
सदर प्रखंड की कटरिया पंचायत के सीताकुंड कल्याणचक निवासी स्व. विशेश्वर यादव के पुत्र नीरज कुमार (28) को वायरल बुखार की शिकायत थी। मंगलवार सुबह परिजन उसे इलाज के लिए मॉडल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर आवश्यक जांच कराने की सलाह दी। शाम को जांच रिपोर्ट में प्लेटलेट्स काफी कम पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद चिकित्सकों ने प्लेटलेट्स चढ़ाने की सलाह दी।
जानें परिजनों ने क्या कहा?
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक से दो यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई। राशि की व्यवस्था करने के बाद प्लेटलेट्स चढ़ाया गया। परिजनों के अनुसार, पहली यूनिट चढ़ाने के बाद मरीज की स्थिति सामान्य थी, लेकिन दूसरी यूनिट चढ़ाने के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि उस समय अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। ऑक्सीजन देने का प्रयास किया गया, लेकिन सिलेंडर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं होने की बात कही गई। उन्होंने चिकित्सकों, कर्मियों और प्रशिक्षण ले रही एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
अस्पताल परिसर में तनाव बढ़ा
युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनाव बढ़ गया। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक, एएनएम और अन्य कर्मी वहां से हट गए। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची और देर रात तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के निर्देश पर सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी विश्वजीत कुमार तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
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मृतक की पत्नी नेहा कुमारी, मां निरजना देवी और फुफेरे भाई ने बताया कि नीरज परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। वर्ष 2018 में उसका विवाह हुआ था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। बचपन में ही पिता की मौत के बाद वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों ने मुआवजा और सरकारी सहायता की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी विश्वजीत कुमार तिवारी ने बताया कि परिजनों की मांगों पर प्रशासन स्तर से विचार किया जा रहा है। कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तत्काल तीन हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पारिवारिक लाभ सहित अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चिकित्सकों और कर्मियों पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

पुलिस मामले कीजांच कर रही है।