Bihar News: अरुणाचल में बादल फटने से सात जवान लापता, वैशाली के अग्निवीर आदित्य कुमार का भी नहीं मिला सुराग
अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में बादल फटने और भूस्खलन के बाद लापता सात सेना के जवानों में वैशाली के अग्निवीर आदित्य कुमार भी शामिल हैं। कई दिन बाद भी उनका सुराग नहीं मिलने से परिवार और गांव में चिंता का माहौल है।
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अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले में बादल फटने और भीषण भूस्खलन के बाद मचे हाहाकार में भारतीय सेना के सात जवान लापता हो गए हैं। इस दुखद और चिंताजनक घटना में हाजीपुर प्रखंड की दौलतपुर देवरिया पंचायत के सैदपुर रजौली गांव निवासी अग्निवीर आदित्य कुमार भी शामिल हैं।
घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी युवा जवान का कोई सुराग नहीं मिलने से उनके पैतृक गांव और परिवार में मातम और गहरी चिंता का माहौल है। स्वजन दिन-रात भगवान से उनके सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
अप्रैल 2025 में सेना में शामिल हुए थे आदित्य
मिली जानकारी के अनुसार, सैदपुर रजौली निवासी आशुतोष कुमार के बड़े पुत्र आदित्य कुमार अप्रैल 2025 में भारतीय सेना की अग्निवीर योजना के तहत देशसेवा के लिए चुने गए थे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्तमान में उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम इलाके दिबांग वैली स्थित पासुपानी आर्मी कैंप में थी।
आदित्य दो भाइयों में सबसे बड़े हैं। खास बात यह है कि देशसेवा का जज्बा इस परिवार की रग-रग में बसा है। उनके छोटे भाई अनीश कुमार भी इसी वर्ष जनवरी 2026 में अग्निवीर के रूप में सेना में शामिल हुए हैं और फिलहाल सिक्किम में पदस्थापित हैं। बड़े भाई के लापता होने की मनहूस खबर मिलते ही अनीश छुट्टी लेकर अपने पैतृक घर पहुंचे, ताकि इस मुश्किल वक्त में परिवार को ढांढस बंधा सकें।
15 अगस्त की सुबह आई जीवन की सबसे डरावनी खबर
परिजनों के लिए स्वतंत्रता दिवस की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब 15 अगस्त की सुबह उनके घर पर एक फोन कॉल आया। लापता आदित्य के दादा चंद्रकेत प्रसाद यादव ने नम आंखों से पूरी घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उस दिन यूनिट के सूबेदार मेजर ने आदित्य के पिता आशुतोष कुमार के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
सूबेदार मेजर ने फोन पर बताया कि इलाके में अचानक बादल फटने से आई बाढ़ और भारी भूस्खलन की वजह से सेना के सात जवान लापता हो गए हैं। सूचना मिलते ही सेना ने बिना देर किए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी अभियान के दौरान दो जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश आदित्य कुमार सहित पांच जवानों का अब तक कोई आधिकारिक पता नहीं चल सका है। सेना की विशेष टीमें और बचाव दल दुर्गम पहाड़ियों के बीच लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय से लगाई गुहार
इस भीषण त्रासदी के बाद से आदित्य का पूरा परिवार गहरे सदमे में है। घर का हर पल अब चिंता और अनहोनी के डर के साए में गुजर रहा है। लापता जवान के दादा चंद्रकेत प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और केंद्र सरकार से अपील की है कि आदित्य और अन्य लापता जवानों की खोज के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को और अधिक व्यापक और तेज किया जाए।
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उन्होंने मांग की है कि दिबांग वैली के बेहद दुर्गम और पथरीले इलाकों में आधुनिक तकनीक, स्निफर डॉग्स और विशेष हवाई अभियानों की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया जाए। परिवार का कहना है कि हर बीतते पल के साथ उनकी चिंता और बेचैनी बढ़ती जा रही है। ऐसे में सरकार इस मामले में त्वरित और बड़े स्तर पर ठोस कदम उठाए।

लपाता सेना के जवान