Bihar: नकली दवा कारोबार का मास्टरमाइंड नीरज सिंह गिरफ्तार, नेपाल भागने की थी तैयारी; इस शहर से दबोचा गया
Vaishali News: हाजीपुर और पटना में नकली दवाओं के बड़े कारोबार का मास्टरमाइंड नीरज सिंह गिरफ्तार हुआ है। वह नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस के मुताबिक वह एक्सपायर्ड दवाओं के लेबल बदलकर बेचता था।
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हाजीपुर और पटना में नकली दवाओं के काले कारोबार का मास्टरमाइंड नीरज सिंह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने उसे हाजीपुर से गिरफ्तार किया। वह नेपाल भागने की फिराक में था। पटना के सिटी एसपी पूर्वी की निगरानी में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।
पुलिस जांच में सामने आया है कि नीरज का गिरोह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से दवाओं की खेप मंगाकर बिहार के पटना, हाजीपुर समेत कई इलाकों में सप्लाई करता था। गिरोह सीएनएफ एजेंसियों से एक्सपायर्ड दवाएं खरीदता था, फिर उनके रैपर बदलकर नकली लेबल लगाकर बाजार में बेचता था। नीरज के गोदाम से सरकारी मुहर लगी दवाएं और एंटी-स्नेक वेनम सीरम भी बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इनका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।
पुलिस को सूचना मिली थी कि नीरज दिल्ली से ट्रेन के जरिए हाजीपुर पहुंचा है। इसके बाद 29 मई 2026 को छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नीरज के खिलाफ पहले से नौ मामले दर्ज हैं और वह वर्ष 2017 से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। अप्रैल और मई 2026 में उसके ठिकानों पर हुई छापेमारी में करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं और नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए थे।
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गिरफ्तारी के बाद पटना पुलिस ने नीरज की निशानदेही पर जीएम रोड समेत चार अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की। इस गिरोह का एक अन्य सदस्य रवि फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, नीरज बिहार के बड़े दवा माफियाओं में शामिल है। उसके खिलाफ पटना के अगमकुआं और चित्रगुप्त नगर थानों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22(सी) के तहत मामले दर्ज हैं। इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर 14 साल तक की सजा का प्रावधान है।