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Bihar: व्हाट्सएप पर अस्पताल संचालक से मांगी रंगदारी, उड़ीसा से लौटते ही पुलिस ने दबोचा आरोपी; मोबाइल भी बरामद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 08:02 AM IST
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सार
वैशाली जिले के हाजीपुर में एक निजी नर्सिंग होम संचालक से व्हाट्सएप के जरिए एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोरौल थाना क्षेत्र के सोधो रत्ती गांव निवासी आदित्य कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वैशाली जिले के हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र में एक निजी नर्सिंग होम संचालक से व्हाट्सएप के जरिए रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है, जिससे अस्पताल संचालक को व्हाट्सएप के माध्यम से रंगदारी की मांग की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोरौल थाना क्षेत्र के सोधो रत्ती गांव निवासी विलास राय के पुत्र आदित्य कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रंगदारी मांगने के बाद वह उड़ीसा भाग गया था। हालांकि परीक्षा देने के लिए सोमवार को जैसे ही वह अपने घर लौटा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
इस पूरे मामले की जानकारी सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि 1 मई को मरई रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम के संचालक मनीष कुमार उर्फ पिंटू यादव को एक व्हाट्सएप नंबर से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का संदेश भेजा गया था। रंगदारी की मांग से परेशान अस्पताल संचालक ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।
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एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
एसडीपीओ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में गठित इस टीम में नगर थानाध्यक्ष सिकंदर कुमार, एसआई अविनाश कुमार वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था। तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने सोमवार को गोरौल थाना क्षेत्र से आरोपी आदित्य कुमार को गिरफ्तार कर नगर थाना लाया।
पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी आदित्य कुमार ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि वर्ष 2023 में वह संबंधित नर्सिंग होम में करीब छह से सात महीने तक काम कर चुका था। आदित्य के अनुसार, काम शुरू करते समय अस्पताल प्रबंधन ने उसे छह हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात कही थी। लेकिन उसे हर महीने केवल 1500 से 2000 रुपये ही खर्च के नाम पर दिए जाते थे और बाकी राशि बाद में देने का आश्वासन दिया जाता था।
आरोपी ने दावा किया कि इसी दौरान अस्पताल प्रबंधन ने उसे नौकरी से हटा दिया था और उसका बकाया पैसा भी नहीं दिया गया।
बकाया पैसे को लेकर भेजा था संदेश
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बकाया वेतन को लेकर उसने अस्पताल संचालक मनीष कुमार उर्फ पिंटू यादव से व्हाट्सएप के माध्यम से रुपये की मांग की थी। हालांकि पुलिस के अनुसार, अस्पताल संचालक की शिकायत में इसे रंगदारी मांगने का मामला बताया गया था, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई।
ये भी पढ़ें: दहेज में नहीं मिली कार तो ली जान? पूर्णिया में विवाहिता की मौत; शरीर पर मिले चोट के निशान, पति गिरफ्तार
मोबाइल बरामद, आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिससे व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेजा गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोरौल थाना क्षेत्र के सोधो रत्ती गांव निवासी विलास राय के पुत्र आदित्य कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रंगदारी मांगने के बाद वह उड़ीसा भाग गया था। हालांकि परीक्षा देने के लिए सोमवार को जैसे ही वह अपने घर लौटा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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एसडीपीओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
इस पूरे मामले की जानकारी सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि 1 मई को मरई रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम के संचालक मनीष कुमार उर्फ पिंटू यादव को एक व्हाट्सएप नंबर से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का संदेश भेजा गया था। रंगदारी की मांग से परेशान अस्पताल संचालक ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
एसडीपीओ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में गठित इस टीम में नगर थानाध्यक्ष सिकंदर कुमार, एसआई अविनाश कुमार वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था। तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने सोमवार को गोरौल थाना क्षेत्र से आरोपी आदित्य कुमार को गिरफ्तार कर नगर थाना लाया।
पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी आदित्य कुमार ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि वर्ष 2023 में वह संबंधित नर्सिंग होम में करीब छह से सात महीने तक काम कर चुका था। आदित्य के अनुसार, काम शुरू करते समय अस्पताल प्रबंधन ने उसे छह हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात कही थी। लेकिन उसे हर महीने केवल 1500 से 2000 रुपये ही खर्च के नाम पर दिए जाते थे और बाकी राशि बाद में देने का आश्वासन दिया जाता था।
आरोपी ने दावा किया कि इसी दौरान अस्पताल प्रबंधन ने उसे नौकरी से हटा दिया था और उसका बकाया पैसा भी नहीं दिया गया।
बकाया पैसे को लेकर भेजा था संदेश
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बकाया वेतन को लेकर उसने अस्पताल संचालक मनीष कुमार उर्फ पिंटू यादव से व्हाट्सएप के माध्यम से रुपये की मांग की थी। हालांकि पुलिस के अनुसार, अस्पताल संचालक की शिकायत में इसे रंगदारी मांगने का मामला बताया गया था, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई।
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मोबाइल बरामद, आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिससे व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेजा गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।