Bihar News: वैशाली में बच्चा चोरी की अफवाह से दहशत, चार जगह निर्दोषों की पिटाई; अफवाह से उग्र हुई भीड़
वैशाली जिले में बच्चा चोरी की अफवाहों से दहशत फैली है। चार घटनाओं में तीन महिलाएं और दो पुरुष भीड़ की पिटाई का शिकार हुए, जबकि किसी थाने में मामला दर्ज नहीं है। पुलिस ने अफवाहों से बचने और कानून हाथ में न लेने की अपील की।
विस्तार
वैशाली जिले में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाहों ने लोगों में दहशत का माहौल बना दिया है। हालांकि, अब तक जिले के किसी भी थाने में बच्चा चोरी का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। इसके बावजूद अफवाहों के आधार पर भीड़ द्वारा निर्दोष लोगों की पिटाई की कई घटनाएं सामने आई हैं।
इस माह बिदुपुर, महुआ, भगवानपुर, सराय और नगर थाना क्षेत्रों में मारपीट की चार घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें तीन महिलाओं और दो पुरुषों को बच्चा चोर बताकर भीड़ ने हमला किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सभी की जान बचाई जा सकी। अफवाहों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है। अभिभावक बच्चों को आंगनबाड़ी या बाहर खेलने भेजने से डर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपुष्ट संदेश तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।
सदर डीएसपी-1 सुबोध कुमार ने कहा कि ऐसे मामलों में मारपीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं वैशाली पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने अपील की है कि बिना सत्यापन के अफवाहों के आधार पर किसी के साथ मारपीट करना और कानून हाथ में लेना दंडनीय अपराध है। दोषियों पर सख्त विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
पहला मामला
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे हाजीपुर सदर अस्पताल के मातृ एवं शिशु रोग भवन में बच्चा चोरी की आशंका पर एक महिला को संदिग्ध मानकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। पहले उसे गार्ड रूम में ले जाया गया, लेकिन बाद में बाहर छोड़ दिया गया। सड़क पर निकलते ही कुछ महिलाओं ने उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। एक एएनएम नर्स ने महिला को बचाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अपनी अभिरक्षा में लिया। महिला ने बताया कि उसने केवल बच्चे को दुलार किया था।
दूसरा मामला
बिदुपुर थाना क्षेत्र के सिक्स लेन के निकट पानापुर में एक अधेड़ व्यक्ति को बच्चा चोर बताकर भीड़ ने पिटाई कर दी। बाद में भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उसे पहचान लिया और पुलिस को सूचना दी। घायल व्यक्ति चकसिकंदर बाजार के एक होटल में प्लेटियर का काम करता है और मानसिक रूप से कमजोर बताया जाता है। पुलिस ने उसे भीड़ से बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
पढ़ें: बिना विशेषज्ञ डॉक्टर के 243 एक्स-रे! मढ़ौरा अस्पताल के आंकड़ों ने उठाए सवाल; नहीं सुधरी व्यवस्था
तीसरा मामला
महुआ थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर सलखत्री गांव में 18 फरवरी को एक युवक को बच्चा चोर समझकर पीट दिया गया। युवक अपनी बहन के घर आया था और शौच के लिए खेत की ओर जा रहा था, तभी लोगों ने हल्ला कर दिया। बाद में पता चला कि वह चेहराकला गांव का निवासी रविंद्र कुमार राम है। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चौथा मामला
हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र में सतेन्द्र नारायण सिंह कॉलेज के पास 18 फरवरी को बुर्का पहने एक महिला को बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया गया। हंगामे के बाद पुलिस पहुंची। जांच में पता चला कि महिला अपनी बेटी की मैट्रिक परीक्षा दिलाने के लिए कॉलेज आई थी। बुर्का और बैग होने के कारण लोगों ने शक किया। सत्यापन के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। अफवाहों की इस श्रृंखला ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भीड़ का उग्र रूप किसी भी निर्दोष व्यक्ति की जान पर भारी पड़ सकता है। जरूरत है कि लोग सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।