{"_id":"697d87e3e3687b245b018404","slug":"bihar-vaishali-the-accused-was-sentenced-to-20-years-of-rigorous-imprisonment-for-committing-the-crime-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1236-3898394-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: किशोरी के साथ गंदा काम करने वाले भाई को कोर्ट ने सुनाई सजा, दोस्त के साथ मिलकर की थी हैवानियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: किशोरी के साथ गंदा काम करने वाले भाई को कोर्ट ने सुनाई सजा, दोस्त के साथ मिलकर की थी हैवानियत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 01:10 PM IST
विज्ञापन
सार
रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। किशोरी ने अपने चचरे भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। आरोपी ने दोस्त के साथ मिलकर पीड़िता के साथ हैवानियत की थी। साथ ही मुंह खोलने पर धमकी दी थी। चलिए बता रहे हैं कैसे इस मामले का खुलासा हुआ?
हाजीपुर कोर्ट का फाइल फोटो
विज्ञापन
विस्तार
वैशाली जिला के हाजीपुर के संरक्षण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश ने एक किशोरी के साथ करीब डेढ़ वर्षों तक दुष्कर्म कर उसे गर्भवती बनाने के मामले में उसके चचेरे भाई और उसके एक साथी को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी को उसके अपने चचेरे भाई ने अपने दोस्त के खाली मकान में मार्च 2021 में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म कि घटना को अंजाम दिया था। घटना को किसी को नहीं बताने को लेकर उसे धमकी भी दी गई थी। डर कर वह किसी को कुछ नहीं बताई।
किशोरी के पेट में दर्द होने के बाद हुआ यह खुलासा
इसके कुछ दिनों के बाद युक्क उसे अपनी मौसी के घर ले गया। वहां देर रात उसकी मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर वहां से लेकर चला। रास्ते में अपने दोस्त को बुला लिया और फिर दोनों उसे अपने दोस्त के घर पर ले गए। वहां दोनों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद सितंबर 2022 में किशोरी के पेट में दर्द होने लगा।
तब उसकी मां ने जांच करवाई। इस दौरान पता चला कि वह गर्भवती है। इस पर किशोरी ने अपनी मां को आपबीती बताई। इसके बाद उसकी मां आरोपी से पूछताछ करने गई तो उसने उसे 4 हजार रुपये देकर गर्भपात कराने की कोशिश करने लगा। लेकिन उसकी मां ने महिला थाने में आरोपी व उसके दोस्त के विरुद्ध प्राथमिकी कराई।
ये भी पढ़ें- Bihar: जाली नोटों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, इंडो नेपाल सीमा पर SSB व STF के जाल में जानें कैसे फंसे आरोपी?
आरोपी निकला बच्चे का जैविक पिता
मामले में पुलिस द्वारा जांच कराने पर किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि होने के बाद इन दोनों के विरुद्ध 04 नवंबर 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया। इस मामले में दोनों के विरुद्ध न्यायालय में 10 नवंबर 2021 को संज्ञान लेकर 31 जनवरी 2023 को आरोप गठित किया गया। इस बीच पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चा का आनुवंशिक परीक्षण कराया गया, जिसमें आरोपी को उसके जैविक पिता होने की पुष्टि की गई।
इस मामले में सजा की बिंदु पर 30 जनवरी को सुनवाई के बाद लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 06 में दोनों आरोपितों को 20-20 वर्ष की सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड की राशि पीड़िता को भुगतान करने का आदेश दिया गया है। जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रन के सहयोग से स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान की ओर से पीड़िता की काउंसलिंग और कानूनी सहायता प्रदान की जा रही थी।
Trending Videos
किशोरी के पेट में दर्द होने के बाद हुआ यह खुलासा
इसके कुछ दिनों के बाद युक्क उसे अपनी मौसी के घर ले गया। वहां देर रात उसकी मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर वहां से लेकर चला। रास्ते में अपने दोस्त को बुला लिया और फिर दोनों उसे अपने दोस्त के घर पर ले गए। वहां दोनों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद सितंबर 2022 में किशोरी के पेट में दर्द होने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तब उसकी मां ने जांच करवाई। इस दौरान पता चला कि वह गर्भवती है। इस पर किशोरी ने अपनी मां को आपबीती बताई। इसके बाद उसकी मां आरोपी से पूछताछ करने गई तो उसने उसे 4 हजार रुपये देकर गर्भपात कराने की कोशिश करने लगा। लेकिन उसकी मां ने महिला थाने में आरोपी व उसके दोस्त के विरुद्ध प्राथमिकी कराई।
ये भी पढ़ें- Bihar: जाली नोटों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, इंडो नेपाल सीमा पर SSB व STF के जाल में जानें कैसे फंसे आरोपी?
आरोपी निकला बच्चे का जैविक पिता
मामले में पुलिस द्वारा जांच कराने पर किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि होने के बाद इन दोनों के विरुद्ध 04 नवंबर 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया। इस मामले में दोनों के विरुद्ध न्यायालय में 10 नवंबर 2021 को संज्ञान लेकर 31 जनवरी 2023 को आरोप गठित किया गया। इस बीच पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चा का आनुवंशिक परीक्षण कराया गया, जिसमें आरोपी को उसके जैविक पिता होने की पुष्टि की गई।
इस मामले में सजा की बिंदु पर 30 जनवरी को सुनवाई के बाद लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 06 में दोनों आरोपितों को 20-20 वर्ष की सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड की राशि पीड़िता को भुगतान करने का आदेश दिया गया है। जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रन के सहयोग से स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान की ओर से पीड़िता की काउंसलिंग और कानूनी सहायता प्रदान की जा रही थी।
