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Bihar: देवेश चंद्र ठाकुर बने भारत-ईरान संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 07:56 PM IST
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सार
सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को भारतीय संसद के भारत-ईरान संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस समूह में सांसद भारत और ईरान के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का काम करेंगे।
देवेश चंद्र ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को भारतीय संसद के भारत-ईरान संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी संसदीय कूटनीति के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस समूह में लोकसभा और राज्यसभा के कई सदस्य शामिल हैं, जो भारत और ईरान के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे। अध्यक्ष के रूप में ठाकुर समूह की गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे और दोनों देशों की संसदों के बीच संवाद को सक्रिय बनाए रखेंगे।
संसदीय मैत्री समूह का उद्देश्य
संसदीय मैत्री समूह का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की संसदों के बीच विचार-विमर्श, अनुभवों का आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत सांसद एक-दूसरे के देश का दौरा करते हैं और साझा विषयों पर चर्चा करते हैं। अध्यक्ष की भूमिका इन बैठकों का संचालन करना, मुद्दों पर समन्वय बनाना और नीति संबंधी संवाद को आगे बढ़ाना होती है। इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास संबंधी अनुभवों को साझा करने में मदद मिलती है।
भारत-ईरान संबंधों को मिलेगा नया आयाम
भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय संपर्क, बंदरगाह विकास और व्यापार जैसे कई क्षेत्र दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। संसदीय स्तर पर संवाद को सक्रिय करने से इन संबंधों को नई दिशा मिलेगी। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और समझ मजबूत होगी और साझा हितों के मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
ये भी पढ़ें: अंधविश्वास को लेकर जमकर हुई तलवारबाजी, पांच घायल; तीन की हालत गंभीर
अध्यक्ष नियुक्ति पर जताया आभार
अध्यक्ष बनाए जाने पर देवेश चंद्र ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिर्ला, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा तथा वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ईरान भारत और विश्व के लिए सामरिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देश है। वे इस जिम्मेदारी को पूरी लगन, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे, ताकि दोनों देशों के संबंध और अधिक मजबूत हो सकें।
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संसदीय मैत्री समूह का उद्देश्य
संसदीय मैत्री समूह का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की संसदों के बीच विचार-विमर्श, अनुभवों का आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत सांसद एक-दूसरे के देश का दौरा करते हैं और साझा विषयों पर चर्चा करते हैं। अध्यक्ष की भूमिका इन बैठकों का संचालन करना, मुद्दों पर समन्वय बनाना और नीति संबंधी संवाद को आगे बढ़ाना होती है। इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास संबंधी अनुभवों को साझा करने में मदद मिलती है।
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भारत-ईरान संबंधों को मिलेगा नया आयाम
भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय संपर्क, बंदरगाह विकास और व्यापार जैसे कई क्षेत्र दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। संसदीय स्तर पर संवाद को सक्रिय करने से इन संबंधों को नई दिशा मिलेगी। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और समझ मजबूत होगी और साझा हितों के मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
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अध्यक्ष नियुक्ति पर जताया आभार
अध्यक्ष बनाए जाने पर देवेश चंद्र ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिर्ला, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा तथा वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ईरान भारत और विश्व के लिए सामरिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देश है। वे इस जिम्मेदारी को पूरी लगन, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे, ताकि दोनों देशों के संबंध और अधिक मजबूत हो सकें।