{"_id":"6a29719558e7608e1e05ad54","slug":"irregularities-found-during-the-investigation-into-the-shroud-scam-in-motihari-bihar-news-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1371-4379816-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: जिस ‘कफन घोटाले’ को बताया फर्जी, उसी जांच में खुली पोल! मोतिहारी में कबीर अंत्येष्टि योजना में गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: जिस ‘कफन घोटाले’ को बताया फर्जी, उसी जांच में खुली पोल! मोतिहारी में कबीर अंत्येष्टि योजना में गड़बड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 09:28 PM IST
विज्ञापन
सार
Bihar: मोतिहारी में कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना में कथित गड़बड़ी के मामले में नया मोड़ आ गया है। जिस खबर को जिला प्रशासन ने पहले भ्रामक और तथ्यहीन बताया था, उसी मामले की जांच में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई है, जिसके बाद कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना में गड़बड़ी को लेकर सामने आए मामले में नया मोड़ आ गया है। जिस खबर को जिला प्रशासन ने पहले भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए खंडन किया था, उसी मामले की प्रशासनिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
पहले बताया भ्रामक, फिर शुरू हुई जांच पर जांच
गौरतलब है कि 1 मई 2026 को जिला प्रशासन ने बयान जारी कर कहा था कि कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा कबीर अंत्येष्टि योजना से संबंधित प्रसारित समाचार तथ्यात्मक रूप से असत्य और भ्रामक हैं। हालांकि, इसके बाद प्रशासन द्वारा मामले की जांच के लिए लगातार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीडीओ से एसडीएम तक को सौंपी गई जिम्मेदारी
18 मई को कल्याणपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी को जांच का दायित्व दिया गया। इसके बाद 25 मई को चकिया एसडीएम को मामले की जांच सौंपी गई। वहीं, केसरिया विधायक शालिनी मिश्रा द्वारा बीस सूत्री समिति की बैठक में मामला उठाए जाने के बाद डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार को जांच का जिम्मा दिया गया।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
3 जून को दरमहा पंचायत में की गई जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि विशेष घटक मद में ऐसे लाभार्थियों के नाम दर्ज कर भुगतान दर्शाया गया, जो उस श्रेणी से संबंधित नहीं थे। वहीं, कुछ लोगों ने जांच अधिकारी को लिखित रूप से बताया कि उन्होंने कबीर अंत्येष्टि अनुदान के लिए कोई आवेदन ही नहीं दिया था, बावजूद इसके उनके नाम पर राशि निकासी दर्शाई गई है।
डीआरडीए निदेशक ने गड़बड़ी मिलने की पुष्टि की
डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने जांच में गड़बड़ियां मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। अब मामले में आगे की कार्रवाई जिला पदाधिकारी स्तर से की जानी है।
ये भी पढ़ें: बेटी की शादी से पहले अचानक लापता हुए पिता! घर में बजने वाली थीं शहनाइयां, अब परिजनों की आंखों में चिंता
क्या पूरे जिले में होगी योजना की व्यापक जांच?
इधर, पूरे मामले के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशासन केवल संबंधित पंचायत तक जांच सीमित रखेगा या फिर जिले की सभी पंचायतों में कबीर अंत्येष्टि योजना की व्यापक जांच कर संभावित अनियमितताओं की पड़ताल करेगा।