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Bihar Board Result: टॉप-5 में पलक कुमारी ने बनाई जगह, दिन में 10-12 घंटे करती थी पढ़ाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 06:07 PM IST
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सार
बिहार इंटर परीक्षा 2026 में मुजफ्फरपुर जिले की पलक कुमारी ने साइंस ग्रुप में पूरे राज्य में पांचवीं रैंक हासिल कर टॉप-5 में अपनी जगह बनाई। पलक को 475 अंक (95%) मिले हैं।
फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बिहार इंटर परीक्षा 2026 में मुजफ्फरपुर जिले की पलक कुमारी ने टॉप-10 में अपनी जगह बनाई है। उन्होंने साइंस ग्रुप में पूरे बिहार में पांचवी रैंक हासिल की है । परिणाम आने के बाद से पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। पलक कुमारी का सपना है कि वह आगे चलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा सिविल सेवा में हिस्सा लें और देश का नाम ऊंचा करें। पलक को बधाई देने के लिए लोगों का तांता जुट गया। पलक कुमारी को बोर्ड परीक्षा में 475 अंक यानी कि 95 फीसद अंक मिले है।
बता दें कि, पलक के पिता और माता व्यवसाय करते हैं और उसके माता-पिता श्रृंगार की दुकान चलाते हैं। वहीं, पलक की प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय सरैया प्रखंड क्षेत्र इलाके के बहिलवारा रुपनाथ कन्या,उसके बाद उमवि बहिलवारा रुपनाथ नया,उसके बाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अज़ीज़पुर से पढ़ाई की। वह मैट्रिक में भी अच्छे अंक लाईं थीं।
टॉपर पलक बोलीं- ऑफलाइन पढ़ाई पर रखती थी विशेष ध्यान
टॉपर पलक कुमारी कहती हैं कि वह स्कूल नियमित रूप से जाती थीं और उसके बाद घर पर खुद से पढ़ाई करती थीं। रोजाना वह 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई में जुटी रहती थीं। अगर उन्हें कोई सवाल समझ में नहीं आता था, तो वह पास की एसआर कोचिंग, खोरमपुर में जाकर ऑफलाइन क्लास में अपनी दिक्कतें दूर करती थीं। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन और समर्पण बहुत मजबूत था। आज उनकी मेहनत का परिणाम देखकर परिवार और दोस्तों में खुशी की लहर है। पलक का सपना है कि वह सिविल सेवा में जाकर देश की और आम जनता की सेवा करें, ताकि हर व्यक्ति को उसके अधिकार मिल सकें। वह अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, बहनों और शिक्षकों को देती हैं।
ये भी पढ़ें- Bihar Board Result 2026: आर्ट और कॉमर्स में लड़की, साइंस में लड़के ने किया टॉप, इंटर का रिजल्ट जारी
मां बोलीं- पढ़ाई में होशियार है बेटी
पलक की मां ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत होशियार और मेहनती थी। उसने मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखी और पूरी ताकत से पढ़ाई पर ध्यान दिया। पलक के पिता कहते हैं कि उनकी बेटी ने परिवार का नाम रोशन किया है। वे बताते हैं कि बचपन से ही पलक पढ़ाई के प्रति सजग और प्रतिबद्ध रही हैं और कभी अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
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बता दें कि, पलक के पिता और माता व्यवसाय करते हैं और उसके माता-पिता श्रृंगार की दुकान चलाते हैं। वहीं, पलक की प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय सरैया प्रखंड क्षेत्र इलाके के बहिलवारा रुपनाथ कन्या,उसके बाद उमवि बहिलवारा रुपनाथ नया,उसके बाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अज़ीज़पुर से पढ़ाई की। वह मैट्रिक में भी अच्छे अंक लाईं थीं।
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टॉपर पलक बोलीं- ऑफलाइन पढ़ाई पर रखती थी विशेष ध्यान
टॉपर पलक कुमारी कहती हैं कि वह स्कूल नियमित रूप से जाती थीं और उसके बाद घर पर खुद से पढ़ाई करती थीं। रोजाना वह 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई में जुटी रहती थीं। अगर उन्हें कोई सवाल समझ में नहीं आता था, तो वह पास की एसआर कोचिंग, खोरमपुर में जाकर ऑफलाइन क्लास में अपनी दिक्कतें दूर करती थीं। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन और समर्पण बहुत मजबूत था। आज उनकी मेहनत का परिणाम देखकर परिवार और दोस्तों में खुशी की लहर है। पलक का सपना है कि वह सिविल सेवा में जाकर देश की और आम जनता की सेवा करें, ताकि हर व्यक्ति को उसके अधिकार मिल सकें। वह अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, बहनों और शिक्षकों को देती हैं।
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मां बोलीं- पढ़ाई में होशियार है बेटी
पलक की मां ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत होशियार और मेहनती थी। उसने मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखी और पूरी ताकत से पढ़ाई पर ध्यान दिया। पलक के पिता कहते हैं कि उनकी बेटी ने परिवार का नाम रोशन किया है। वे बताते हैं कि बचपन से ही पलक पढ़ाई के प्रति सजग और प्रतिबद्ध रही हैं और कभी अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।