Bihar: मूक-बधिर विद्यालय में बच्चों से अमानवीय व्यवहार, जांच शुरू; वायरल वीडियो के बाद प्रशासन सख्त
मुजफ्फरपुर के बागेश्वरी मूक-बधिर विद्यालय में बच्चों के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। स्कूल संचालक और कर्मचारी पर केस दर्ज हुआ है, जबकि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
मुजफ्फरपुर के बागेश्वरी मूक-बधिर विद्यालय में बच्चों के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। स्कूल संचालक और कर्मचारी पर केस दर्ज हुआ है, जबकि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
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मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित पीएनटी रोड के बागेश्वरी मूक-बधिर विद्यालय में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर प्रशासन ने जांच शुरू की। गुरुवार को जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वायरल वीडियो में छात्रावास में रह रहे कई मूक-बधिर बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट, डराने-धमकाने और एक बच्चे के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के दृश्य सामने आए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई। जांच समिति में एसडीओ पूर्वी, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक, मुशहरी बीडीओ और मिठनपुरा थानाध्यक्ष को शामिल किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक संजय कुमार ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में बच्चों के साथ मारपीट की पुष्टि होने के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठे। इसके बाद विद्यालय संचालक संजय कुमार और आरोपी कर्मचारी राजू कुमार के खिलाफ मिठनपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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इस मामले में सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि वायरल वीडियो जांच में सही पाया गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर संस्था के संस्थापक संजय कुमार और कर्मचारी राजू कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं संस्था प्रबंधन ने आरोपी कर्मचारी को हटाने की जानकारी दी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी और चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर संवेदनशील संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।