Bihar News: लाई-तिलकुट से सजे बाबा गरीबनाथ, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मंदिर
मकर संक्रांति के अवसर पर मुजफ्फरपुर में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी मौजूदगी रही और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया गया। विशेष अनुष्ठानों और श्रृंगार ने भक्तों की आस्था को और प्रगाढ़ किया।
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मुजफ्फरपुर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बाबा गरीबनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देशभर में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, इसी कड़ी में बाबा गरीबनाथ का लाई, तिल और तिलकुट से भव्य महाश्रृंगार किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
जानकारी के अनुसार, बाबा गरीबनाथ मंदिर में सनातन सेवार्थ बिहार की ओर से मकर संक्रांति के अवसर पर बाबा का 101 किलो लाई और तिलकुट से महाश्रृंगार कराया गया। इससे पूर्व बाबा गरीबनाथ का विशेष ध्यान, पूजन और स्नान कराया गया। इस दौरान पुजारी आशुतोष पाठक उर्फ डाबर बाबा एवं पंडित अभिषेक पाठक ने विधि-विधान से भोलेनाथ का षोडशोपचार पूजन संपन्न कराया, जिसके उपरांत लाई और तिलकुट से महाश्रृंगार किया गया।
महाश्रृंगार के बाद धूप-दीप के साथ बाबा गरीबनाथ की आरती की गई। बाबा के इस अद्भुत और अलौकिक महाश्रृंगार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे और भक्तिभाव से दर्शन-पूजन किया।
इस अवसर पर सनातन सेवार्थ के संयोजक प्रभात मालाकार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के मौके पर बाबा गरीबनाथ का लाई, तिल और तिलकुट से श्रृंगार किया जाता है, ताकि बिहारवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और मिठास बनी रहे।
वहीं पंडित आशुतोष पाठक उर्फ डाबर बाबा ने कहा कि किसी भी पर्व पर सबसे पहले अपने आराध्य देव को भोग अर्पित करने की परंपरा है। इसी परंपरा के तहत पहले बाबा गरीबनाथ को लाई और तिलकुट का भोग लगाया गया। इसके बाद सभी श्रद्धालु मकर संक्रांति का पर्व सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमारी संस्कृति और विरासत का महापर्व है, जिसकी महिमा दूर-दूर तक फैले, हमारी संस्कृति सुरक्षित और समृद्ध रहे तथा लोग इस पर्व को उत्साह और आनंद के साथ मनाएं।