Bihar News: नीट का फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर लाखों की ठगी, जानें गिरोह का कैसे हुआ भंडाफोड़? चार आरोपी गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर पुलिस ने नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टेलीग्राम के जरिए अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को झांसा देकर लाखों रुपये वसूलने वाले इस नेटवर्क में अब तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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मुजफ्फरपुर पुलिस ने नीट परीक्षा का फर्जी पेपर बेचकर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को फर्जी प्रश्नपत्र का झांसा देकर रुपए वसूलता था। नगर थाना और सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में पुलिस अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी मनीष झा को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
किराये के मकान से हुआ फर्जी पेपर रैकेट का खुलासा
दरअसल, 2 जून 2026 को मुजफ्फरपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट स्थित चॉकलेट फैक्ट्री के पास एक किराये के मकान में नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के जरिए बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर जजुआर थाना क्षेत्र निवासी मनीष झा को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसके पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया था। इसके बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की गई।
टेलीग्राम के जरिए करते थे संपर्क, फर्जी पेपर का देते थे झांसा
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान नगर थाना क्षेत्र निवासी हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव तथा सिकंदरपुर थाना क्षेत्र निवासी हर्ष कनोडिया के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे टेलीग्राम के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों से संपर्क कर नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बदले विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन रकम जमा कराई जाती थी। ठगी से प्राप्त राशि मुख्य आरोपी मनीष झा तक पहुंचाई जाती थी, जिसके बाद उसे विभिन्न खातों में जमा कराया जाता था।
रकम जमा कराने के लिए कई खातों का करते थे इस्तेमाल
मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग लोगों से संपर्क कर उनके खातों में रकम जमा कराते थे, जिसे बाद में गिरोह के अन्य सदस्य निकाल लेते थे। पुलिस अब गिरोह के आपराधिक इतिहास और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
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अन्य परीक्षाओं के नाम पर ठगी की भी जांच
पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह गिरोह नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर भी फर्जी पेपर बेचकर ठगी करता था।

फर्जी नीट पेपर गिरोह के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।

फर्जी नीट पेपर गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई।