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Bihar: उफान पर बागमती नदी, पीपा पुल पर थमा आवागमन; नेपाल में बारिश से उत्तर बिहार में बढ़ा बाढ़ का खतरा
Tue, 14 Jul 2026 11:13 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 11:13 AM IST
सार
नेपाल और तराई क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कटरा-औराई को जोड़ने वाला पीपा पुल जलमग्न होने से आवागमन बंद हो गया है। कई गांवों का संपर्क टूटने का खतरा है। प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है और बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है।
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उफान पर बागमती नदी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
नेपाल और तराई क्षेत्र के साथ-साथ जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब उत्तर बिहार की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। मुजफ्फरपुर जिले से होकर बहने वाली बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के तेज बहाव और कटाव के कारण कटरा प्रखंड को औराई से जोड़ने वाला पीपा पुल प्रभावित हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
पीपा पुल पर आवागमन ठप, लोगों की बढ़ी परेशानी
बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल के दोनों ओर बने अप्रोच पथ पर करीब तीन से चार फीट पानी बह रहा है। ऐसे में पुल से किसी भी प्रकार के वाहन का आवागमन संभव नहीं है। इसके चलते स्थानीय लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी प्रखंड कार्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को हो रही है।
कई गांवों का संपर्क टूटने का खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि नदी का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो कटरा प्रखंड की दर्जनों पंचायतों के कई गांवों का संपर्क टूट सकता है। लगातार हो रहे कटाव और तेज बहाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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प्रति घंटे 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा जलस्तर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, सोमवार रात आठ बजे तक बागमती नदी का जलस्तर प्रति घंटे लगभग 10 सेंटीमीटर की दर से बढ़ रहा था। वहीं मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
ये भी पढ़ें- Bankipur Vidhan Sabha: भाजपा प्रत्याशी के पास न घर, न गाड़ी; जानिए कहां तक पढ़े-लिखे हैं, संपत्ति कितनी है?
प्रशासन अलर्ट मोड पर
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में हैं। बागमती जल प्रमंडल के अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और कटाव वाले इलाकों में आवश्यकतानुसार बालू की बोरियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका
नदी किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि बागमती जब भी उफान पर आती है, तो कटाव और बाढ़ से व्यापक नुकसान होता है। इसी आशंका को देखते हुए कुछ परिवार सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट गए हैं। फिलहाल बागमती नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। यदि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है।
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पीपा पुल पर आवागमन ठप, लोगों की बढ़ी परेशानी
बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल के दोनों ओर बने अप्रोच पथ पर करीब तीन से चार फीट पानी बह रहा है। ऐसे में पुल से किसी भी प्रकार के वाहन का आवागमन संभव नहीं है। इसके चलते स्थानीय लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी प्रखंड कार्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को हो रही है।
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कई गांवों का संपर्क टूटने का खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि नदी का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो कटरा प्रखंड की दर्जनों पंचायतों के कई गांवों का संपर्क टूट सकता है। लगातार हो रहे कटाव और तेज बहाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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प्रति घंटे 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा जलस्तर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, सोमवार रात आठ बजे तक बागमती नदी का जलस्तर प्रति घंटे लगभग 10 सेंटीमीटर की दर से बढ़ रहा था। वहीं मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
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प्रशासन अलर्ट मोड पर
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में हैं। बागमती जल प्रमंडल के अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और कटाव वाले इलाकों में आवश्यकतानुसार बालू की बोरियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका
नदी किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि बागमती जब भी उफान पर आती है, तो कटाव और बाढ़ से व्यापक नुकसान होता है। इसी आशंका को देखते हुए कुछ परिवार सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट गए हैं। फिलहाल बागमती नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। यदि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है।