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Bihar: 'मैं रूस में था, फिर भी बना दिया आरोपी', NEET केस में युवक का सनसनीखेज दावा, नया विवाद आया सामने

Wed, 29 Jul 2026 06:47 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Wed, 29 Jul 2026 06:47 PM IST
सार

बिहार के किशनगंज निवासी मोहम्मद सदाकत ने दावा किया है कि NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन मामले में उनका नाम एफआईआर में दर्ज कर दिया गया, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहे हैं।

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neet protest case kishanganj man claims fir despite being in russia for four months
रूस में होने का दावा करने वाले युवक ने FIR पर उठाए सवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों के बीच अब एक नया विवाद सामने आया है। किशनगंज जिले के एक युवक ने दावा किया है कि उसका नाम प्रदर्शन से जुड़े मामले में दर्ज कर दिया गया, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है। युवक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच और एफआईआर से नाम हटाने की मांग की है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

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रूस में रहने का दावा, फिर भी दर्ज हो गई FIR
किशनगंज जिले के रहने वाले मोहम्मद सदाकत ने दावा किया है कि पुलिस ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में उनका नाम एफआईआर में शामिल कर लिया, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहे हैं। मोहम्मद सदाकत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने कहा है कि वह पिछले चार महीने से रूस में हैं और 25 जुलाई को बहादुरगंज में हुए प्रदर्शन के दौरान भारत में मौजूद ही नहीं थे। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
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एफआईआर से नाम हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग
वीडियो में सदाकत ने सवाल उठाया कि जब वह देश में ही नहीं थे, तो उनके खिलाफ मामला कैसे दर्ज कर दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और एफआईआर से अपना नाम हटाने की मांग की है।
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एसपी ने क्या कहा?
इस मामले पर किशनगंज के पुलिस अधीक्षक हरि मोहन शुक्ला से संपर्क किया गया। उन्होंने सदाकत के दावे की न तो पुष्टि की और न ही उसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में यदि किसी को कोई शिकायत है, तो वह पुलिस के पास आकर अपनी बात रख सकता है। उसकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने वापस लेने का किया है फैसला
बिहार सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाएगा और गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाएगा। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 26 जुलाई सुबह 6 बजे से पहले हुई घटनाओं से संबंधित सभी एफआईआर, शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही इन मामलों में गिरफ्तार लोगों को भी तत्काल रिहा करने का फैसला लिया गया है।


694 लोगों को हिरासत में लिया गया था
NEET पेपर लीक के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान राज्यभर में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें करीब आधे नाबालिग बताए गए थे। इन लोगों पर बंद के दौरान प्रदर्शन और सड़क जाम कराने का आरोप लगाया गया था। अब सरकार द्वारा मामले वापस लेने के फैसले के बीच रूस में होने का दावा करने वाले युवक का मामला सामने आने के बाद इस पूरे प्रकरण को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

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