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Bihar news: नाबालिक के साथ दुष्कर्म व नृशंस हत्या मामले में कोर्ट का सख्त फैसला, अभियुक्त को फांसी की सजा
Fri, 10 Jul 2026 07:32 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 07:32 PM IST
सार
Bihar news: रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और नृशंस हत्या के छह साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी बलिराम सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इसे 'दुर्लभतम से भी दुर्लभ' अपराध मानते हुए पीड़िता की मां को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
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जिला व्यवहार न्यायालय सासाराम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र के एक गांव में छह वर्ष पहले एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी नृशंस हत्या के मामले में शुक्रवार को अदालत ने सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सात) अरविंद ने अपराध को 'दुर्लभतम से भी दुर्लभ' श्रेणी का मानते हुए एकमात्र दोषी बलिराम सिंह को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने पीड़िता की मां को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया।
11 गवाहों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
मामले में विशेष लोक अभियोजक हीरा प्रताप सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर एडीजे-7 श्री अरविंद ने बलिराम सिंह को दोषी ठहराया और शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई।
खिलौना देने का झांसा देकर बच्ची को ले गया था घर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 15 नवंबर 2020 की है। घटना के दिन आरोपी बलिराम सिंह ने 10 वर्षीय बच्ची को खिलौना देने का लालच देकर बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
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शव के टुकड़े कर बक्से में छिपा दिया था
वारदात के बाद आरोपी ने पकड़े जाने के डर से बच्ची के शव के टुकड़े कर उन्हें अपने घर में रखे एक काठ के बक्से में छिपा दिया। इसके बाद वह गांव के ही किसी दूसरे घर में जाकर छिप गया। हालांकि, घटना से पहले गांव के एक व्यक्ति ने आरोपी को बच्ची के साथ जाते हुए देखा था। इसी आधार पर पुलिस ने बलिराम सिंह के घर की तलाशी ली, जहां से बच्ची का शव बरामद किया गया।
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11 गवाहों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
मामले में विशेष लोक अभियोजक हीरा प्रताप सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर एडीजे-7 श्री अरविंद ने बलिराम सिंह को दोषी ठहराया और शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई।
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खिलौना देने का झांसा देकर बच्ची को ले गया था घर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 15 नवंबर 2020 की है। घटना के दिन आरोपी बलिराम सिंह ने 10 वर्षीय बच्ची को खिलौना देने का लालच देकर बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
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शव के टुकड़े कर बक्से में छिपा दिया था
वारदात के बाद आरोपी ने पकड़े जाने के डर से बच्ची के शव के टुकड़े कर उन्हें अपने घर में रखे एक काठ के बक्से में छिपा दिया। इसके बाद वह गांव के ही किसी दूसरे घर में जाकर छिप गया। हालांकि, घटना से पहले गांव के एक व्यक्ति ने आरोपी को बच्ची के साथ जाते हुए देखा था। इसी आधार पर पुलिस ने बलिराम सिंह के घर की तलाशी ली, जहां से बच्ची का शव बरामद किया गया।