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Bihar: बिपार्ड में सजी लोकतंत्र की 'पाठशाला', उपराष्ट्रपति; राज्यपाल और सीएम ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन

Sat, 11 Jul 2026 10:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 11 Jul 2026 10:19 AM IST
सार

गया के बिपार्ड परिसर में 11 और 12 जुलाई को बिहार विधानसभा के सभी विधायकों के लिए दो दिवसीय आवासीय प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन करेंगे। प्रशिक्षण में संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया, ई-विधानसभा और सुशासन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।

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Democracy Classroom in Bihar VP, Governor, and CM Jointly Inaugurate BIPARD's Training Session for MLAs
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और बिहार विधानसभा अध्यक्ष - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का शनिवार को उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति, बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और बिहार विधानसभा अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित विधायकों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य विधायकों को विधायी प्रक्रिया, सदन की कार्यवाही और संसदीय परंपराओं की विस्तृत जानकारी देना है।
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जनप्रतिनिधियों के लिए ज्ञान और प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया
उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों के लिए ज्ञान और प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। कहा गया कि कई विधायक पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं और कुछ को सरकार में नई जिम्मेदारियां भी मिली हैं। ऐसे में विधानसभा में अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए विधायी नियमों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी बेहद जरूरी है।
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संसदीय मर्यादा और परंपराओं के पालन पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान विधायकों को बताया गया कि विधानसभा में क्षेत्र और जनता से जुड़े मुद्दों को किस प्रकार उठाया जाए। प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य संसदीय माध्यमों का प्रभावी उपयोग कैसे किया जाए, इस पर विशेषज्ञों की ओर से जानकारी दी जा रही है। साथ ही सदन में चर्चा के दौरान संसदीय मर्यादा और परंपराओं के पालन पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि विधायक जनता और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। क्षेत्र की समस्याओं और जनता की अपेक्षाओं को सदन तक पहुंचाना जनप्रतिनिधियों की बड़ी जिम्मेदारी है। विधायी प्रक्रियाओं की बेहतर समझ से विधायक सदन में तथ्यात्मक और प्रभावी तरीके से अपनी बात रख सकेंगे। इससे सदन में सार्थक चर्चा को बढ़ावा मिलने के साथ जनहित से जुड़े विषयों के समाधान की दिशा में भी प्रभावी पहल हो सकेगी।
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विधेयकों पर चर्चा, प्रश्न पूछने की प्रक्रिया और संसदीय दायित्वों की जानकारी दी जाएगी
दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम में विशेषज्ञों और अनुभवी जनप्रतिनिधियों की ओर से विधानसभा की कार्यप्रणाली, विधेयकों पर चर्चा, प्रश्न पूछने की प्रक्रिया और संसदीय दायित्वों की जानकारी दी जाएगी। नव निर्वाचित विधायकों को अनुभवी जनप्रतिनिधियों के अनुभवों से सीखने का भी अवसर मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम विधायकों की विधायी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण से विधायक सदन की कार्यवाही को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठा पाएंगे। कार्यक्रम के दूसरे दिन भी विभिन्न सत्रों में विधायी और संसदीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

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