Bankipur Election: भाजपा प्रत्याशी ने कर दिया ऐसा कि सोच में पड़ गए होंगे PK भी; रेखा का वोट बैंक भी निशाने पर
Bihar : बांकीपुर उप चुनाव बहुत रोचक दौर से गुजर रहा है। हर दिन एक-दूसरे प्रत्याशी को चौंकाने वाला काम हो रहा है। इस बार चर्चा भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा की है। नीरज ने कुछ ऐसा कर दिया कि प्रशांत किशोर और रेखा गुप्ता- दोनों का चौंकना लाजिमी है।
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नामांकन के बाद भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा ने भाजपा दफ्तर, जदयू दफ्तर और नितिन नवीन के आवास पर जाकर बांकीपुर उपुचनाव को लेकर आयोजित बैठक में शामिल हुए। यहां से दिशा-निर्देश मिलने के बाद वह जनसंपर्क अभियान के लिए निकल पड़े। बांकीपुर सीट के सवर्ण खासकर कायस्थ भाजपा के कैडर वोटर माने जाते हैं। संभावना लग रहा था कि नीरज कुमार सिन्हा सबसे पहले अपने समाज और सवर्ण के बीच जाएंगे। ऐसा कुछ हद तक हुआ भी लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि वह अचानक मुस्लिम मतदाताओं के बीच चले गए। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर हुई तो फौरन चर्चाओं का बाजार गरम हो गया। लोग कहने लगे कि भाजपा अब मुस्लिम वोटर्स के बीच भी जा रही है।
'भाजपा को मुस्लिम वोट नहीं मिलता है'
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि भाजपा को मुस्लिम वोट नहीं मिलता है। इसलिए भाजपा ने मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट देना बंद कर दिया। लेकिन, भाजपा के प्रत्याशी मुस्लिमों के बीच वोट मांगने के लिए जाते रहते हैं। भाजपा पूरी तरह दूरी नहीं बनाना चाहती है। पीएम नरेंद्र मोदी भी कई बार सार्वजनिक मंच पर मुस्लिमों के साथ दिखे हैं। बिहार में भाजपा की ओर सुशील कुमार मोदी और नितिन नवीन भी चुनाव के दौरान मुस्लिम मतदाताओं की बीच जाते दिखे हैं। बांकीपुर में भाजपा में कई मुस्लिम कार्यकर्ता भी हैं। संभावना है कि इन्हीं के कहने पर नीरज उनके बीच गए हों। हालांकि, मुस्लिम मतदाता आज भी पहली प्राथमिकता अपने उम्मीदवार को देंगे।
'राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता है'
बांकीपुर विधानसभा निवासी और राजनीतिक मामलों के जानकार आशुतोष कुमार ने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता है। वोट को लेकर आम धारना बन गई है कि फलाने जाति के मतदाता फलाने पार्टी को वोट नहीं देंगे। नीरज कुमार सिन्हा केवल भाजपा के ही नहीं बल्कि एनडीए के उम्मीदवार हैं। नीतीश कुमार ने मुस्लिमों के लिए भी काम किया है। एनडीए के कई मुस्लिम कार्यकर्ता बांकीपुर से भाजपा के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। परंपरागत तौर मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव राजद की ओर रहा है। ऐसा नहीं है कि एनडीए में मुस्लिम नेता नहीं है। भाजपा में ही शाहनवाज हुसैन की बड़ी नेताओं में आती है। नीरज कुमार सिन्हा विकास के नाम पर वोट मांगने के लिए मुस्लिम मतदाताओं के बीच गए हैं। बांकीपुर में पहली बार वोट करने वाले युवाओं की आबादी भी काफी अधिक है। विकास के मामले को लेकर कुछ युवा मुस्लिम मतदाता भाजपा के पक्ष में आ सकते हैं। क्योंकि उन्हें पता कि 2030 तक बिहार में एनडीए की सरकार रहेगी। और, विकास के लिए बांकीपुर से भाजपा का विधायक होना थोड़ा जरूरी है।
'आसान नहीं है प्रशांत किशोर की राह'
प्रशांत किशोर किस वर्ग को टारगेट कर रहे इस सवाल पर राजनीतिक मामलों के जानकार आशुतोष कुमार ने कहा कि 2025 का चुनाव में पीके ने जाति से ऊपर उठकर योग्य उम्मीदवार को वोट देने की अपील की थी। हालांकि, उन्होंने जाति समीकरण का पूरा ख्याल रखा था। मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने के लिए काफी संख्या में मुस्लिम प्रत्याशियों को भी टिकट दिया था। बांकीपुर की बात करें तो यहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका कायस्थ के बाद आते हैं। इनकी आबादी भी यहां करीब 10 फीसदी है। राजद के प्रति मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी ने तनवीर आलम को टिकट दिया है। बांकीपुर सीट से इस बार केवल तनवीर आलम ही इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर इस बार सभी जातियों पर फोकस कर रहे हैं। वह कायस्थों, मुस्लिम, सवर्ण और पिछड़ी जातियों के बीच भी जा रहे हैं। हालांकि, 2025 के चुनाव में जो कुछ प्रमुख लोग उनके साथ थे, वह अब उनके साथ नहीं रहे। पटना में उनके सहयोगी रहे शिक्षाविद् केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह ने उनका साथ छोड़ दिया है। केसी सिन्हा तो बकायदा भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इन सब चीजों को देखते हुए प्रशांत किशोर के लिए राह भी बहुत आसान नहीं है।
'प्रभावशाली नहीं दिख रहा राजद'
वहीं राजद या अन्य उम्मीदवार उतने प्रभावशाली नहीं दिख रहे हैं। हालांकि राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रही थीं लेकिन इस बार बहुत अधिक उनकी उपस्थिति महसूस नहीं हो रही है। खासकर राजद का शीर्ष नेतृत्व भी बहुत अधिक दिलचस्पी अब तक नहीं दिखा रहा। तेजस्वी यादव यूरोप घूम रहे हैं। अन्य वरिष्ठ नेता अब तक मैदान में रेखा गुप्ता के साथ नामांकन के दिन के अलावा अब तक नहीं दिखे हैं। ऐसे में मुकाबला फिलहाल भाजपा और जनसुराज के बीच ही दिख रहा है।
बांकीपुर सीट में जातियों का अनुमानित वोट
- कायस्थ: 14 प्रतिशत वोट
- भूमिहार: सात प्रतिशत वोट
- ब्राह्मण: पांच प्रतिशत वोट
- राजपूत: पांच प्रतिशत वोट
- मुसलमान: 10 प्रतिशत वोट
- वैश्य (बनिया): आठ प्रतिशत वोट
- दलित : सात फीसदी
- महादलित: आठ फीसदी