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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: 25 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये, सीएम ने ट्रांसफर किए 2,500 करोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Mon, 16 Feb 2026 02:55 PM IST
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सार
बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के खाते में कुल 18,100 करोड़ रुपये का अंतरण किया गया है। आज के कार्यक्रम में 25 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये प्रति महिला की दर से 2,500 करोड़ रुपये भेजे गए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1, अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार से 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत 25 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये प्रति महिला की दर से 2,500 करोड़ रुपये का अंतरण किया। इसके पूर्व 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में 15,600 करोड़ रुपये पहले ही अंतरित किए जा चुके हैं। अब कुल 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के खाते में 18,100 करोड़ रुपये की राशि पहुंचाई जा चुकी है।
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मुख्यमंत्री का संदेश और लाभार्थियों का अभिनंदन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बड़ी संख्या में जुड़ीं सभी महिला लाभार्थियों का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ। बहुत खुशी की बात है कि आज 'महिला रोजगार योजना' के तहत 25 लाख महिलाओं को दस-दस हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है। कुल मिलाकर 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना से कई महिलाओं ने अपनी पसंद का रोजगार शुरू किया है। जो महिलाएं अपना रोजगार अच्छे से करेंगी, उन्हें आगे 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जो परिवार बचे हैं, उन्हें भी जल्द ही सहायता राशि दी जाएगी।
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महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरू से ही महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी। वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया जिसे 'जीविका' नाम दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10,000 रुपये की राशि महिलाओं को अपना रोजगार शुरू करने में मदद करेगी। इससे परिवार खुशहाल होगा और बिहार का विकास तेजी से होगा। महिलाओं में आत्मविश्वास देखकर उन्हें बहुत खुशी होती है।
सात निश्चय-3 और योजनाओं का विवरण
अगले 5 वर्षों (2025-2030) में विकास की गति को तेज करने के लिए 'सात निश्चय-3' का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत पहले निश्चय 'दोगुना रोजगार-दोगुनी आय' के तहत राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए हर परिवार की एक महिला को 10,000 रुपये तक की सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा 26 सितंबर से 28 नवंबर 2025 तक कुल 5 चरणों में 1 करोड़ 56 लाख महिला लाभुकों के खाते में राशि अंतरित की गई। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 1 करोड़ 44 लाख और शहरी क्षेत्र में 12 लाख लाभुकों के खाते शामिल थे। आज 25 लाख महिला लाभुकों को 10,000 रुपये प्रति लाभुक की दर से कुल 2,500 करोड़ रुपये का अंतरण किया गया।
लाभार्थियों के अनुभव
चंदू भारती, मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली और वैष्णवी जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी, ने बताया कि योजना की राशि से उन्होंने गाय खरीदी और दूध बेचकर आमदनी शुरू की। आगे 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता से सिलाई सेंटर खोलने की योजना है। शबीना खातून, नालंदा जिले की रहने वाली और मोहादिया जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी, ने बताया कि योजना की राशि से उन्होंने दूध का व्यवसाय शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इससे उनका जीवन बदल गया और आत्मविश्वास बढ़ा। दोनों लाभार्थियों ने कहा कि योजना से उनके परिवार खुशहाल हुए और बच्चों की पढ़ाई व जीवन स्तर में सुधार हुआ।
कार्यक्रम और उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी, लाभार्थी और गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे। कार्यक्रम में 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' पर आधारित एक लघु फिल्म की प्रस्तुति भी की गई।