International Women's Day : बिहार में धूमधाम से मना अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, साझा कीं सफलता की कहानियां
Bihar : बिहार में आज कई जगहों पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इसको लेकर बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए की गई उपलब्धियों की चर्चा की। साथ ही यह भी कहा कि अब तो देर रात तक भी महिलाओं को घर से बाहर निकलने में कोई दिक्कत नहीं है।
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आज पूरे बिहार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इसको लेकर बिहार सरकार और पटना जिला प्रशासन की तरफ से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्य सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस दिन को महिला रोजगार दिवस के रूप में चिह्नित किया। पटना में मुख्य कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों और महिला उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं।
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भाजपा के प्रदेश कार्यालय में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भाजपा महिला मोर्चा के द्वारा आयोजित किया गया था। इस मौके पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्र निर्माण में जुटी हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह कहा जा सकता है कि घर से लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में नारीशक्ति का योगदान सशक्त भारत की मजबूत नींव रख रहा है। इस अवसर पर अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों अंशु और अंकिता, शालिनी सुमन, पूनम शर्मा, पिंकी यादव, अंजू मिश्रा, प्रीति सहित अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली बिहार की कई बेटियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण को समर्पित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एनडीए सरकार ने महिलाओं के शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। पंचायत और नगर निकाय चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण, सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण एनडीए सरकार की देन है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को मिले अधिकार के बल पर बिहार आज बदल रहा है। सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने उपस्थित नारीशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि आधी आबादी की सहभागिता की चिंता समाज को करना आवश्यक है। जब भी महिलाओं को मौका मिला, दुनियाभर में ही नहीं, इससे आगे भी परचम लहराने का काम किया। उन्होंने कहा कि आधी आबादी में समाज सृजन करने की शक्ति निहित होती है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर भविष्य गढ़ती हैं तो हर चुनौती को स्वीकार भी करती हैं। आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं जहां नारीशक्ति ने लोहा नहीं मनवाया।
इस कार्यक्रम में मंत्री रमा निषाद, श्रेयसी सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री सह विधायक रेणु देवी, शोभा सिंह, सीता साहू, अनामिका भूषण, अनामिका पासवान, सजल झा,मीना झा, दिव्या झा, सरला रजक, सरोज जायसवाल, सीमा पांडेय, शशि वल्दियार सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिला जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, खिलाड़ियों, उद्यमियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पटना ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी के द्वारा सीएमई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सोसाइटी ने बिहार की प्रथम महिला एवं प्रसिद्ध समाजसेवी रेशमा आरिफ को सामाजिक कार्यों और महिलाओं के कल्याण के क्षेत्र में उनके प्रेरणादायक योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा मिश्रा चौधरी ने कहा कि आज के दौर में महिला डॉक्टर महिलाओं के सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण सोसाइटी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. कुमकुम सिन्हा को महिलाओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके अमूल्य और आजीवन योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया जाना रहा।
इस कार्यक्रम में पटना की कई प्रतिष्ठित स्त्री-रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहीं, जिनमें पद्मश्री से सम्मानित डॉ. शांति रॉय, डॉ. मंजू गीता मिश्रा, डॉ. प्रमिला मोदी, डॉ. सुषमा पांडेय, डॉ. अलका पांडेय, डॉ. विनीता सिंह, निब्हा मोहन, डॉ. मीना सामंत, डॉ. रंजना सिन्हा सहित सोसाइटी के अन्य अनेक सम्मानित सदस्य शामिल हुए। इस अवसर पर महिला शक्ति की भावना का उत्सव मनाया गया तथा स्वास्थ्य सेवा और समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महिलाओं के समर्पण को सराहा गया।