Bihar : कांग्रेस ने पूर्व विधायक सहित दो को पार्टी से 6 साल के लिए किया निष्कासित, दोनों ने कहा- फर्जी है पत्र
Congress Party : कांग्रेस में कलह इस कदर हावी हो चुका है कि आंतरिक विरोध खुलकर दिखने लगा है। कांग्रेस ने दो पुराने नेताओं को बाहर कर दिया है, लेकिन अब दोनों नेता इसे न सिर्फ फर्जी बता रहे हैं बल्कि इसे पार्टी के खिलाफ की जा रही रणनीति भी कह रहे हैं।
विस्तार
कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह अब तक जारी है। कांग्रेस ने पूर्व विधायक छत्रपति यादव और आनंद माधव को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इनदोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता और लगातार भ्रामक बयानबाजी करने के आरोप हैं। माधव आनंद रिसर्च विभाग के पूर्व चेयरमैन व पूर्व प्रवक्ता हैं।
यह खबर भी पढ़ें-Fake Certificate: आपकी नकली डिग्री का सब पता है... नीतीश कुमार के मंत्री पर राजद का हमला, जवाब में मिली चुनौती
अनुशासन समिति ने लगाया यह आरोप
इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव का कहना है कि दोनों नेता लंबे समय से पार्टी के मूल सिद्धांतों और संगठनात्मक मर्यादा के खिलाफ कार्य कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अनुशासन समिति की जांच में पाया गया कि आनंद माधव और छत्रपति यादव के अनर्गल बयानबाजी से पार्टी की छवि धूमिल हो रही थी। इस बात की जानकारी होने पर पार्टी के द्वारा ऐसा न करने की उन्हें सलाह दी गई थी, लेकिन उनकी गतिविधियों में कोई सुधार नहींहुआ। अंत में पार्टी ने छत्रपति यादव और आनंद माधव के खिलाफ कार्रवाई की।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar Congress : कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सवाल सुन भागे, बिहार अध्यक्ष भड़के; किस सवाल का नहीं दे सके जवाब
फर्जी है कमिटी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आनंद माधव ने बताया कि पार्टी का संविधान कहता है कि एआईसीसी सदस्यों का मनोनयन और निष्कासन केवल एआईसीसी ही कर सकती है, जो संगठन महासचिव के हस्ताक्षर से प्रभावी होता है। अतः इनके द्वारा किया गया निष्कासन पूर्णतः निराधार और गलत है। हम इसे स्वीकार नहीं करते। आनंद माधव ने आरोप लगाते हुए कहा कि कृष्णा अलावरू और राजेश राम पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग पार्टी के संविधान का पालन नहीं कर रहे, बल्कि स्वयं को संविधान से ऊपर समझते हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने यह पत्र ही फर्जी है। ये दोनों पार्टी के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। अनुशासन समिती के अध्यक्ष तारिक अनवर हैं। चूंकि बिहार विधान सभा चुनाव में कृष्णा अलावरू और राजेश राम ने जो गड़बड़ियां की हैं, उन्ही को छिपाने के लिए यह सब किया जा रहा है, ताकि लोगों में भय पैदा हो सके। इस पत्र को हमलोग फर्जी मानते हैं क्यों कि जब वेणु गोपाल के हस्ताक्षर से पत्र निकलेगा तभी उसकी मान्यता होगी।
क्या लिखा पत्र में
कांग्रेस पार्टी के द्वारा जारी पत्र में लिखा है कि, "यह देखा जा रहा है कि आनंद माधव, पूर्व चेयरमैन रिसर्च विभाग एवं श्री छत्रपति यादव, पूर्व विधायक का पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता बढती जा रही है। अतः विषय की गंभीरता को देखते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के माननीय बिहार प्रभारी एवं प्रदेश कांग्रेस के माननीय प्रदेश अध्यक्ष से विमर्श के उपरांत इन दोनों को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित किया जाता है।