Bihar: किसान रजिस्ट्री का आंकड़ा 10 लाख पार, एक दिन में 42% की वृद्धि; विजय सिन्हा ने बताया क्या फायदा होगा?
Revenue and Land Reforms Department News: किसान रजिस्ट्री अभियान की तारीख को बढ़ा दिया है। ऐसा फैसला इस अभियान में रिकॉर्ड वृद्धि को देखते हुए किया गया है। जानिए डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और प्रधान सचिव सी.के अनिल ने इस मामले में क्या- क्या जानकारी दी?
विस्तार
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित किसान रजिस्ट्री (AgriStack) महाअभियान के तहत राज्य ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नौ को रात्रि 08:00 बजे तक राज्य में कुल 10,41,341 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही राज्य ने 10 लाख किसान रजिस्ट्री का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एग्रीस्टैक महाअभियान के तहत 10 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण बिहार सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। यह सफलता दोनों विभागों के समन्वय, जिला प्रशासन की सक्रियता और फील्ड स्तर पर तैनात सभी कर्मियों के समर्पित प्रयासों का नतीजा है। यूनिक किसान आईडी के माध्यम से किसानों को पीएम किसान सहित सभी सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और समयबद्ध लाभ मिलेगा। इससे हमारे किसान बंधु समृद्ध बनेंगे। हमारा लक्ष्य है कि अभियान की निर्धारित अवधि में राज्य के प्रत्येक पात्र किसान को डिजिटल रूप से सशक्त किया जाए और राज्य इस दिशा में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करे। इसी उद्देश्य से महाअभियान की तारीख को विस्तारित करने का निर्देश दिया गया है।
1,86,073 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने बताया कि नौ जनवरी को 2,68,500 के दैनिक लक्ष्य के विरुद्ध 1,86,073 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य में 69.30 प्रतिशत तक की उपलब्धि मिली है। यह उपलब्धि अभियान के मिशन मोड में संचालन एवं प्रभावी प्रशासनिक मॉनिटरिंग का परिणाम है। इसकी रफ्तार और तेज करने तथा सभी किसानों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से इसको 21 जनवरी तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रेंड विश्लेषण के अनुसार, आठ जनवरी को रात्रि 08:00 बजे तक 1,30,489 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जबकि नौ जनवरी को रात्रि 08:00 बजे तक यह संख्या बढ़कर 1,86,073 हो गई। एक ही दिन में लगभग 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नौ जनवरी को सुबह 09:00 बजे तक उपलब्धि मात्र 2.78 प्रतिशत थी। इसकी निरंतर समीक्षा, जिला स्तरीय निगरानी एवं फील्ड स्तर पर तैनात वरीय राजस्व अधिकारियों की मॉनिटरिंग के चलते शाम 08:00 बजे तक यह बढ़कर 69.30 प्रतिशत तक पहुंच गई।
मुजफ्फरपुर और वैशाली का प्रदर्शन शानदार
अभियान के दौरान कई जिलों ने लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल कर बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल प्रस्तुत किया है। मुजफ्फरपुर (138.51%) और वैशाली (137.16%) ने लगातार दूसरे दिन भी 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त अररिया (127.58%), भागलपुर (120.98%) तथा कटिहार (108.13%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मधुबनी, बेगूसराय, समस्तीपुर, सीवान, सारण एवं कैमूर जैसे जिले 40 से 70 प्रतिशत उपलब्धि के दायरे में हैं। विभागीय स्तर पर आकलन किया गया है कि हल्का कर्मचारी, सीएससी एवं डीईओ के बेहतर समन्वय से इन जिलों को शीघ्र ग्रीन जोन में लाया जा सकता है। पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, पटना, लखीसराय एवं मुंगेर जैसे जिलों में राज्य औसत से कम उपलब्धि दर्ज की गई है। विशेष रूप से बड़े लक्ष्य वाले जिलों में प्रगति तेज करने के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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कितने किसानों का e-KYC किया गया?
प्रधान सचिव सी.के. अनिल के अनुसार, नौ जनवरी को सुबह 11:30 बजे तक 66,834 किसानों का e-KYC किया गया, जबकि 29,735 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन ही हो सका, जो लगभग 44 प्रतिशत कन्वर्ज़न को दर्शाता है। इस अंतर को कम करने के लिए फील्ड स्तर पर तकनीकी सहायता, जागरूकता एवं मार्गदर्शन को और सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रधान सचिव सी.के. अनिल के अनुसार, एग्रीस्टैक महाअभियान राज्य के किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।