Bihar News: सफाई कर्मियों और ड्राइवर की हड़ताल से पटना में कचरे का अंबार, लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन जारी
बिहार के कई जिलों में सफाईकर्मियों ने आंदोलन कर दिया है। पटना, नालंदा, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में लगातार दूसरे दिन भी सफाईकर्मियों और ड्राइवरों का हड़ताल जारी है। इस कारण कई मोहल्लों में कचरे का उठाव नहीं हो पाया है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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राजधानी पटना में नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर संकट गहराता जा रहा है। संविदा पर काम कर रहे करीब 4700 सफाईकर्मी और ड्राइवर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को भी सभी छह अंचल कार्यालयों और संबंधित यार्ड में कर्मियों ने प्रदर्शन करने का एलान किया है। कई मोहल्लों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नहीं हो सका, सफाई अभियान ठप रहा और कचरा ढोने वाले ई-रिक्शा व बड़े वाहनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। इससे लोगों को गंदगी और कचरे की समस्या का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में कचरा उठाव और सफाई का काम प्रभावित हो रहा है। पटना के बोरिंग रोड, नेहरू नगर, नेहरू नगर, आनंदपुरी, एसके पुरी, शिवपुरी, राजीव नगर, एजी कॉलोनी, पटेल नगर, शास्त्रीनगर, राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, महेंद्रू, सुल्तानगंज समेत कई इलाकों में पिछले 48 घंटे से कचरे का उठाव नहीं हुआ है। इतना ही नहीं पिछले 36 घंटे से पटना में रुक रुककर हो रही बारिश के कारण कचरे की दुर्गंग्ध ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है।
पटना नगर निगम समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि हड़ताल की सूचना डेढ़ महीने पहले ही प्रशासन और सरकार को दे दी गई थी, लेकिन इस दौरान समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते वार्ता होती तो हड़ताल की नौबत नहीं आती। वहीं, एक वार्ड पार्षद ने कहा कि नगर निगम जनता से लगातार टैक्स वसूल रहा है, लेकिन उन्हीं कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहा है, जिनके भरोसे शहर की सफाई व्यवस्था चलती है। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
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ड्यूटी पर पहुंचने वालों को रोक जा रहा है?
इधर, पटना नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थायी और अन्य उपलब्ध कर्मियों को लगाया गया है। हालांकि, उनका आरोप है कि हड़ताल पर बैठे कुछ कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचने वाले कर्मियों को काम करने से रोक रहे हैं और कई स्थानों पर उन्हें डराने-धमकाने की शिकायत भी मिली है।
हड़ताली सफाईकर्मियों की क्या मांग है?
इधर, हड़ताली सफाईकर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से कम मानदेय पर शहर की सफाई का जिम्मा निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। उनका आरोप है कि ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने पर उनके परिवारों को न तो पर्याप्त मुआवजा मिलता है और न ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ। उनका कहना है कि समान कार्य करने के बावजूद वेतन और सुविधाओं में बड़ा अंतर है। सफाईकर्मियों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी दैनिक और संविदा कर्मियों का स्थायीकरण, समान काम के लिए समान वेतन के साथ मानदेय में वृद्धि तथा स्वास्थ्य बीमा, ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।