Bihar News: पटना हॉस्टल केस में रोहिणी आचार्य के चार सवाल, कहा- इन पर गौर फरमाए नीतीश सरकार
लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने पटना हॉस्टल केस को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने चार सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बिहार में बेटियां अब सुरक्षित नहीं है। जानते हैं रोहिणी आचार्य ने और क्या-क्या कहा?
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रोहिणी ने चार सवाल उठाए और सरकार को गौर फरमाने को कहा...
- पहला सवाल: पटना हॉस्टल रेप कांड के मामले में ना तो अभी तक हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपत्ति की गिरफ़्तारी हुई , ना ही अग्रवाल दंपत्ति के आरोपी पुत्र की गिरफ़्तारी हुई है ??
- दूसरा सवाल: साक्ष्यों के साथ आपराधिक छेड़ छाड़ करने, साक्ष्यों को मिटाने वाले प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर सतीश की गिरफ़्तारी हुई है? ना ही अब तक प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल सील किया गया है?
- तीसरा सवाल: पटना हॉस्टल केस की जांच चल रही है या लीपा-पोती या फिर रसूखदार आरोपियों को बचाने की कवायद जारी है?
- अंत में चौथा और बड़ा सवाल: अपने बिहार में जहां आज मां-बहन-बेटियों का हो रखा जीना मुहाल, कहीं ऐसा तो नहीं कि वहां बलात्कार और हत्या के आरोपियों को साक्ष्यों-सबूतों को मिटाने, मामले को मैनेज करने के लिए समय दिए जाने की सुविधा बहाल की जा रही?
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"नीतीश सरकार महिलाओं पर जुल्म कर रही"
एक दिन पहले रोहिणी आचार्य के भाई नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट खरीदी से बनी असंवेदनशील नीतीश सरकार पूरे बिहार में नाबालिग बच्चियों, छात्राओं, बेटियों और महिलाओं पर जुल्म कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता संरक्षित अपराधों पर सरकार के कर्ता-धर्ता चुप्पी साधे हुए हैं और महात्मा बनने का स्वांग रच रहे हैं। तेजस्वी ने मधेपुरा, खगड़िया और पटना की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये मामले सरकार की संवेदनहीनता और अमानवीय रवैये को उजागर करते हैं। पटना में नीट छात्रा की हत्या जैसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में सत्ता संरक्षित लीपापोती की जा रही है।