Tiranga Yatra: पटना में CM सम्राट चौधरी के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा, जानिए मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
Bihar News: आज पटना में तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसका नेतृत्व सीएम सम्राट चौधरी ने खुद किया। वह खुद हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। पटना पुलिस की ओर से इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। ट्रैफिक प्लान भी जारी किया गया था। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सोमवार को पटना में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा की शुरुआत सुबह करीब 10:30 बजे जेपी गोलंबर से हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी यात्रा में शामिल हुए और हाथ में तिरंगा लेकर जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक करीब 1.5 किलोमीटर पैदल चले। यात्रा में बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर शामिल हुए। तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गांधी मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके साथ मंत्री दिलीप जायसवाल और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे। गांधी मैदान पहुंचने के दौरान मुख्यमंत्री का काफिला गेट नंबर 12 से अंदर गया।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि आज बिहार में हमलोग तिरंगा यात्रा मना रहे हैं। 10 से 17 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकलेगी। हमारे पूर्वजों और स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहूति देकर हमारे देश को आजादी दिलाई और एक लोकतांत्रिक देश हमें दिया, मैं उन्हें नमन करता हूं। यह तिरंगा हमारे लिए एकता, अखंडता और जीवन-मरण का प्रतीक है। लाखों सैनिक इस तिरंगा की रक्षा में अपने प्राणों की आहूति देने का काम करते हैं। यह तिरंगा साहस, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह हमारी समृद्धि का प्रतीक है।
सरकार ने कानून बनाने का काम किया था
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि आज सबसे बड़ा महोत्सव हमलोगों इस तिरंगा यात्रा के जरिए हमलोग मना रहे हैं। इस तिरंगा यात्रा में शामिल होने की अपील मैं सभी बिहारवासियों से करता हूं। प्रखंड, जिला और राज्यस्तर पर तिरंगा यात्रा निकलेगी। सीएम ने कहा कि आपने देखा पिछले दिनों, 'वंदे मातरम' और जो राष्ट्रीय गीत हमारे हैं, इसको भी जो लोग अपमानित करने का काम करते थे, चाहे वह 'वंदे मातरम' हो, 'जन गण मन' हो, इनको जो अपमानित करते थे, उसको भी दंडित करने के लिए सरकार ने कानून बनाने का काम किया था। इसलिए अब हमारे लिए इस तिरंगा को और तिरंगा के प्रतीक को और तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए मैं पूरे बिहारवासियों से आग्रह करना चाहता हूँ। तमाम लोग पंचायतों में इस तरफ के कार्यक्रम कर रहे हैं, नगर निकाय में इस कार्यक्रम को किया जा रहा है और यहां के बाद जिला स्तर पर भी इसी तरह के कार्यक्रम करके वहाँ भी यात्रा करने का काम किया जाएगा।
बिहार में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से 10 से 17 अगस्त तक तिरंगा यात्रा समेत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्यस्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत पटना से हुई है। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों और प्रखंडों में भी कार्यक्रम होंगे। विभाग के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के अनुसार, तिरंगा यात्रा के आयोजन के लिए सरकार ने 6.12 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है। राज्य के 534 प्रखंडों और 38 जिलों को कार्यक्रम के लिए एक-एक लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि राज्यस्तरीय आयोजन के लिए 25 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस
मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि नई पीढ़ी को देश की आजादी के इतिहास के साथ वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा और हिंसा के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ। युवाओं को उस दौर की परिस्थितियों और लोगों की पीड़ा से अवगत कराना जरूरी है। मंत्री ने बिहार के लोगों से तिरंगा यात्रा और इससे जुड़े कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
डाकबंगला से जेपी गोलंबर तक सामान्य वाहनों की नो-एंट्री
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के कारकेड को देखते हुए डाकबंगला चौराहे से जेपी गोलंबर तक का रास्ता आरक्षित रहा। इस दौरान सामान्य वाहनों को इस मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं मिली। वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा। तिरंगा यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग गांधी मैदान में की गई। आम लोगों के प्रवेश के लिए गेट नंबर 1 और 13 निर्धारित किए गए थे। वहीं, मुख्यमंत्री के प्रवेश के लिए गेट नंबर 12 आरक्षित किया गया था।